बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 में कई समस्याएं हैं. इस वार्ड के मंसूरनगर, सिंगारहाट,छोटी पहाड़ी का एरिया ड्राइ जोन व जमीन भी पथरीली है. यही कारण है पानी के लिए इस वार्ड में भारी परेशानी है. पेयजल आपूर्ति के लिए बियाबानी में हैवी बोरिंग कराया गया था.
लेकिन आज तक इस वार्ड के मोहल्ले में पानी नहीं पहुंचाया जा सका है. पाइप विस्तार का काम भी अभी शुरू नहीं किया गया है.
बिहारशरीफ : वार्ड संख्या 19 का मुसादपुर मोहल्ला बरसात के दिनों में टापू बन जाता है. ठेहुना भर पानी से होकर घरों तक लोग तो पहुंचते ही हैं. साथ ही घर में भी पानी प्रवेश कर जाता है. बरसात के दिनों में इस मोहल्ले के लोगों को एहसास होता ही नहीं कि यह नगर निगम क्षेत्र का मोहल्ला है.
वार्ड का विकास नहीं होने का ही नतीजा कि कई मोहल्ले के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. समस्याओं के मकड़जाल में लोग फंसे हैं.
और तो और जब नगर निगम से फरियाद करने के बाद घरों के गंदे जल की निकासी के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया तो मोहल्ले के लोगों ने चंदा करके पानी निकासी के नाली बनवायी.आवागमन के रास्ते को सुचारू करने के लिए मिट्टी की भराई भी करायी.
इसी प्रकार वार्ड के मंसुरनगर गंदी बस्ती है और साथ ही सिंगारहाट का एरिया ड्राइ जोन है. क्षेत्र में जल स्रोत नहीं होने के कारण स्टैंड पोस्ट बनाना भी असंभव है.
मंसूनगर के कुछ एरिया के लोग आज भी कुएं के दूषित जल ग्रहण करने को विवश हैं.
गरीबों को पक्का मकान का लाभ नहीं : गंदी बस्ती के लोग कुएं का गंदा जल पीने का मजबूर है. पानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं किये जाने से इस वार्ड के कई मोहल्ले जैसे मंसूरनगर के कुछ एरिया के लोग कुएं पर निर्भर हैं. इस मोहल्ले के लोगों का कहना है पक्का मकान का लाभ भी नहीं मिल रहा है. पक्का मकान नहीं होने के कारण झोंपड़ी में रहने को कई परिवार मजबूर हैं.
चंदा करके बनाया गया रास्ता.
विकास योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा हैं.वार्ड की कई गलियों में पीसीसी का काम नहीं कराया जा सका है.इससे परेशानी होती है.
सुनील कुमार
बिहारशरीफ शहर को स्मार्ट सिटी बनना है और शहर की गलियां नरक बनी हैं. लोगों की फरियाद पर नगर निगम द्वारा भी ध्यान नहीं दिया जाता है. यही कारण है स्वयं के सहयोग से गली में नाली बनानी पड़ी.
नवल किशोर प्रसाद
विकास के मामले में इस वार्ड में पर्याप्त ध्यान नगर निगम द्वारा नहीं दिया जाता है. मच्छरों को भगाने के लिए हर दिन फाॅगिंग कराये जाने की आवश्यकता है. मच्छरों के प्रकोप के कारण बीमारी फैल रही है.
शांति देवी
उपेक्षा के कारण वार्ड के मोहल्लों का विकास बाधित है. पानी की व्यवस्था के लिए पाइप लाइन का विस्तार होना चाहिए. गंदी बस्ती में रहनेवाले गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिए चयन नहीं किया गया है. वार्ड के विकास के लिए कई योजनाएं दी गयी हैं. मंजूरी नहीं मिलने के कारण काम नहीं हो रहा हैं. वार्ड के विकास के लिए अपने स्तर से पूरा प्रयास किया जा गया है.
किशोर पासवान, वार्ड पार्षद
वार्ड संख्या 19
वार्ड की आबादी-5000
वोटरों की संख्या-4200
चापाकल की संख्या-दो
स्टैंड पोस्ट-00
स्कूलों की संख्या-दो
आंगनबाड़ी केंद्र-चार
सफाई कर्मी-छह
वार्ड के मोहल्ले
मंसूनगर, छोटी पहाड़ी, सिंगारहाट, मुसादपुर, मगध कॉलोनी.
वार्ड से संबंधित जनहित से जुड़ी समस्याएं हो तो 9471 859156 पर व्हाट्सएप पर फोटो भेज सकते हैं.
अधिकारी के अनुसार
शहर के लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलें इसके लिए नगर निगम प्रयासरत है. संसाधन के अनुरूप सभी वार्डों में योजनाओं को देकर विकास कराया जा रहा है.
कौशल कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ
कुल 125 प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में कैद
कतार में लगी महिला मतदाता. विकलांग मतदाता में भी था उत्साह
दो सितंबर को होगी काउंटिंग
हिलसा नगर पर्षद का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न
70 फीसदी वोटरों ने किया मतदान, महिला वोटर में दिखा उत्साह
22 वोगस वोटर पुलिस हिरासत में, कई बूथों पर हुई हिंसक झड़प
हिलसा. बुधवार को हिलसा नगर परिषद का चुनाव कड़ी सुरक्षा के बीच छिटपुट हिंसक झड़प की घटना को छोड़ शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हो गया. इस दौरान पुलिस ने विभिन्न बूथों से 22 वोकस वोटरों को हिरासत में लिया है.
बताया जाता है कि हिलसा नगर परिषद के 26 वार्ड के वार्ड पार्षद का चुनाव बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न कराया गया. सुबह सात बजे से ही वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो गया था.
वोटरों में काफी उत्साह देखा गया. सुबह से ही प्रत्येक बूथों पर वोटरों की लंबी कतार लगी रही. बता दे कि नगर परिषद के कुल 26 वार्ड में वार्ड पार्षद पद के लिए 125 प्रत्याशियों के भाग्य के बटम दबाकर इवीएम मशीन में कैद वोटरों द्वारा कैद कर दिया. जो यह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आगामी दो सितंबर को वोटो की गिनती के बाद होगा. अब प्रत्याशियों कि नजर काउंटिंग पर टिकी हुई है.
हालांकि फिलहाल अधिकांश प्रत्याशी अपनी अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं. मतदान संपन्न होते ही चौक चौराहो पर पूरजोर हार जीत की चर्चा होने लगी है. मतदान के दौरान अलग-अलग बूथों पर वोकस वोट देने को लेकर हिंसक झड़क भी हुआ.
परंतु किसी को हताहत होने की सूचना नहीं है. वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न बूथ से 22 लोगों को वोकस वोट डालने के आरोप में हिरासत में लिया है.
इन बूथों पर हुई झड़प
मतदान के दौरान बूथ संख्या 13 रामचंद्र गुप्ता कन्या उच्च विद्यालय में दो प्रत्याशियों के बीच वोटरों के रिझाने को लेकर हिंसक झड़प हुई. परंतु पुलिस प्रशासन कि तत्परता के कारण मामला को शांत कराया गया. वहीं रामकिशुन साह विद्यालय में बूथ संख्या 22 पर वोकस वोट डालने को लेकर दो गुटो के बीच झड़प हुई.
जिसमें कई लोग चोटील हो गये. पुलिस को आते देख दोनों गुट भाग खड़ा हुए़
इसी प्रकार एसयू कॉलेज बूथ संख्या 16 में पुलिस द्वारा पक्षपात करने के आरोप में समर्थक उलझ पड़े. काफी हो हंगामा के बाद वोकस वोटर पर पुलिस ने की कार्रवाई. मतदान के क्रम में सूचना मिलते ही प्रशासन ने वोकस वोटरों पर नजर गड़ढ़ना शुरू कर दिया, जहां अलग -अलग बूथों से कुल 22 वोकस वोटरो को वोट डालने के आरोप में हिरासत में लिया है.
70प्रतिशत वोटरों ने किया मतदान
अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि हिलसा नगर परिषद का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया गया. लोगों ने बेहिचक अपने मतो का प्रयोग किया. नगर परिषद के 26 वार्ड के चुनाव के लिए बनाये गये 43 बूथों पर विशेष सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था. जिसके कारण वोकस वोटरों का एक नहीं चला. मतदान के दौरान कुल 70 प्रतिशत वोटरों ने मतदान किया. उन्होंने कहा कि बूथ पर वोकस वोटर एवं हंगामा करने के आरोप में 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
