डेंगू व चिकिनगुनिया के लक्षण मिलने पर कराएं इलाज
संदिग्ध मरीजों की पहचान करने का सीएस ने दिया टास्क
बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में अमूमन तौर पर डेंगू व चिकिनगुनिया के मरीज मिलने लगते हैं. इन बीमारियों पर रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य ने ठोस कदम उठाते हुए सभी पीएचसी,रेफरल व अनुमंडलीय अस्पतालों के प्रभारियों व उपाधीक्षकों को बराबर अलर्ट रहने को कहा गया है. इन बीमारियों की रोकथाम व बचाव के लिए सोमवार को सीएस डॉ. सुबोध प्रसाद सिंह ने प्रभारियों व उपाधीक्षकों के साथ सदर अस्पताल के सभागार में बैठक कर रणनीति बनायी. बीमारियों की पहचान के लिए लक्षण के बारे में जानकारी डॉक्टरों को सीएस ने दी.
रोज करें संदिग्ध मरीजों की पहचान :सीएस डॉ.सिंह ने प्रभारियों व उपाधीक्षकों को टास्क दिया कि डेंगू व चिकिनगुनिया के संदिग्ध मरीजों की पहचान सही तरीके से करें. प्रत्येक दिन पीएचसी के क्षेत्रों में आशा व सेविकाओं को भेजें और एेसे मरीजों की पहचान करायें. ताकी संदिग्ध मरीज मिले तो उसका तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी जाय. साथ ही इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग व सीएस को अवश्य दें.
ताकी बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवा व जांच की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें. मरीजों की पहचान के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जाय. सर्वे करने से आसानी तरीके से संदिग्ध मरीजों की पहचान हो सकेगी.एएनएम को भी मरीजों की पहचान करने के काम में लगायें.
टीमों को रखें 24 घंटे अलर्ट
सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने हिदायत दी की कि इस कार्य में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व उपाधीक्षक हरगिज लापरवाही नहीं बरतें.प्रखंडस्तर पर गठित मेडिकल टीमों को भी बराबर यानी की 24 घंटे अलर्ट रखें. ताकी किसी भी क्षेत्र में उक्त बीमारियों की सूचना मिले तो अविलंब टीम को सहज रूप से भेजी जा सके.इसकी जांच व इलाज की मुकम्मल व्यवस्था जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गयी है. दवा की उपलब्धता सुनिश्चित रखें.
सदर अस्पताल में दस बेड का बना है डेंगू वार्ड
सदर अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए विशेष वार्ड बना है. इस वार्ड में मरीजों की भरती के लिए कुल दस बेड लगाये गये हैं. संदिग्ध मरीज मिलने या पहचान होने पर उसका सहज रूप से इलाज किया जा सके. सीएस डॉ. सिंह ने बताया कि इस वार्ड में चिकित्सकों व पारा मेडिकल स्टॉफों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. साथ ही संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध करायी गयी हैं. रोस्टर के मुताबिक प्रतिनियुक्त डॉक्टर ,एएनएम व पारा मेडिकल स्टॉफ अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे.इस विशेष वार्ड को पूरी तरह से चिकित्सीय सुविधाओं से लैस किया जा चुका है.
डेंगू के मरीजों के कंफर्म होने के लिए ब्लड की जांच की सुविधा नालंदा मेडिकल कॉलेज,पटना,पीएमसीएच व
आरएमआरआई,पटना में उपलब्ध है. एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जाती है. जब एलाइजा टेस्ट पॉजिटिव होता है तब ही डेंगू कंफर्म होता है. इसी तरह चिकिनगुनिया ब्लड की जांच सिर्फ पीएमसीएच में ही सुविधा उपलब्ध है. इसके संदिग्ध मरीज मिलने पर ब्लड के नमूने लेकर उक्त संस्थानों में भेजा जाएगा. उन्होंने प्रभारियों को हिदायत दी की यदि इन बीमारियों के लक्षण किसी में मिलता हो तो पीएचसी स्तर पर प्रारंभिक इलाज कर उसे सदर अस्पताल भेजें. ताकी उसका बेहतर उपचार हो सके.
