आवास के अभाव में किराये पर रहने को विवश हैं जीएएनएम

पंद्रह जीएएनम हैं पदस्थापित हाल हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल का बिहारशरीफ : सरकारी र्क्वाटर के अभाव में किराये के मकान में रहने को विवश है जीएएनएम. मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में 15 एएनएम वर्तमान समय में कार्यरत है. लेकिन जीएएनएम को अस्पताल परिसर में रहने के लिए सरकार […]

पंद्रह जीएएनम हैं पदस्थापित

हाल हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल का
बिहारशरीफ : सरकारी र्क्वाटर के अभाव में किराये के मकान में रहने को विवश है जीएएनएम. मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में 15 एएनएम वर्तमान समय में कार्यरत है. लेकिन जीएएनएम को अस्पताल परिसर में रहने के लिए सरकार की ओर से कोई व्यवस्था फिलहाल उपलब्ध नहीं है. अस्पताल में पदस्थापित जीएएनएम रोस्टर के मुताबिक प्रतिदिन ड्यूटी करती हैं.
सबसे ज्यादा परेशानी रात्रि ड्यूटी करने वाली जीएएनएम को उठानी पड़ती है. सरकारी आवास की व्यवस्था नहीं होने से ड्यूटी करने वाली ए ग्रेड परिचारिका को सुरक्षित रूप से अपने मकान पर पहुंचने की चिंता बराबर बनी रहती है. आवास की व्यवस्था नहीं होने से पदस्थापित जीएएनम को शहर में भाड़े का मकान लेकर रहना पड़ रहा है.
अस्पताल परिसर में जमीन है उपलब्ध
अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में काफी खाली पड़ी जमीन है. विभाग चाहे तो खाली पड़ी भूमि में जीएएनएम के रहने के लिए सरकारी आवास का निर्माण करा सकता है. ताकि अस्पताल में काम करने वाली ए ग्रेड की परिचारिकाओं को रहने -सहने में सहूलियत हो सकेगी. साथ ही, जब आवास की व्यवस्था हो जायेगी तो उन्हें अस्पताल में ड्यूटी करना भी और भी आसान हो जायेगा. अभी तो ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्हें मकान व डेरा पर जाने के लिए मन में बराबर चिंता बनी होती है. यहां पर एएनएम का पद सरकार की ओर से स्वीकृत नहीं है.
पद हैं 50 ,15 जीएएनएम पदस्थापित
मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में सरकार की ओर से 50 पद जीएएनएम के स्वीकृत हैं,लेकिन वर्तमान में सिर्फ 15 जीएएनएम ही पदस्थापित हैं. इस तरह स्वीकृत संख्या के मुताबिक जीएएनएम के 35 पद खाली पड़े हैं. लिहाजा पद के मुताबिक ए ग्रेड की पदस्थापना नहीं होने से मरीजों को काफी फजीहत उठानी पड़ती है. खासकर महिला मरीजों को अपनी बीमारी के इलाज कराने में. हालांकि यहां पर एक महिला चिकित्सा पदाधिकारी पदस्थापित हैं. जो महिला मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की बात है.
क्या कहते हैं अधिकारी
फिलहाल जीएएनम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में सरकारी क्वार्टर की व्यवस्था नहीं है. यहां पर कुल पांच क्वार्टर बने हैं. जिसमें से एक अस्पताल उपाधीक्षक व एक मेडिकल अफसर के लिए. इसके अलावा तीन चतुर्थवीय कर्मचारियों के रहने के लिए सरकारी आवास की सुविधा उपलब्ध है. इन क्वार्टरों की स्थिति भी बदहाल है. इसकी मरम्मति के लिए भवन निर्माण विभाग के अधिकारी को पत्र लिखा गया है.
डॉ राज किशोर राजू, उपाधीक्षक ,हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल

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