प्रतिदिन खाड़ी देशों में भेजे जा रहे दुधिया मालदह
विदेशों तक फैली अल्फांसो व दशहरी आम की खुशबू
बिहारशरीफ : निशात बाग के आम के दीवाने हुए खाड़ी देश के लोग.प्रतिदिन खाड़ी देशों में भेजे जा रहे दूधिया मालदह आम. विदेशों तक फैली है दशहरी व अल्फांसो आम की खुशबू. जिले के अस्थावां प्रखंड के गिलानी गांव में 80 वर्ष निशात आम का बाग है. जहां 100 पेड़ विभिन्न आम की प्रजातियों की है.इस पुराने बाग में दुधिया मालदह,जरदालु,अल्फांसो,दशहरी,गुलाब खास व मिठुआ आम के जैसे पेड़ लगे हैं.
इस बाग के आम की खुशबू विदेशों तक फैली है. इस खुशबू के दीवाने खाड़ी देश के लोग हैं. इस निशात बाग के पहले खेफ देश के केरल में भेजी जा रही है. निशात बाग के आम अरब देशों में ज्यादा मांग है. वहां के लोग खुशबू मिठास के खासे दीवाने हैं. प्रतिदिन गिलानी बाग के आम अरब देशों में भेजे जा रहे हैं.
80 साल पूर्व बाग सीचा गया था
यह बाग करीब 80 साल पहले सीचा गया था. इस बाग को जमाल हसन गिलानी ने लगाया था. इनके द्वारा सीचे गये आम के बाग जिले में ही नहीं बल्कि विदेशों में आम की खुशबू फैली हुई है. आम की खुशबू व मिठास के कारण ही हर वर्ष विदेश के लोगों का इंतजार रहता है. आम के सीजन आते ही विदेश के लोगों की निशात बाग के आम की चाहत शुरू हो जाती है. बाग की रखवाली कर रहे मो.आजाद व इस्लाम बिहारी कहते हैं कि बाग को सालोंभर सीचते हैं. सही रूप से देखभाल करते हैं.
आम के पौधे को रोगों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव करते हैं. लेकिन इस बाग को अभी तक कृषि विभाग की ओर से किसी तरह की सहायता नहीं मिल पायी है. यह निशात बाग नालंदा के लिए गौरव है. इस बार आम ज्यादा मात्रा में हुए हैं.
समय पर बारिश होने से आम की मिठास दोगुनी हो गयी है. इसकी मांग इन दिनों विदशों में काफी बढ़ी हुई है. मांग इतनी है कि मांग को पूरा करने में सोचना पड़ रहा है. बावजूद मांग को पूरा करने का पूरा ख्याल रखा जा रहा है.
प्रतिदिन आम के खरीदारों की भीड़ बाग में जुट रही है. लोगों की चाहत होती है कि इस बाग के आम का स्वाद जरूर चखें. लोग स्वयं लेते हैं और अपने ईष्ट मित्रों के यहां भी बडंे सौख से भेजते हैं.
