अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई नहीं

अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई नहीं

-8000 रुपये में खरीद रहे हैं पीड़ित

-सूई की सरकारी सप्लाई ही नहीं

मुजफ्फरपुर.

गंभीर रूप से कुत्ता काटने के शिकार लोगों को बाहर से आठ हजार की सूई इम्नोग्लोबिन खरीदना पड़ रहा है. इसकी सप्लाई सरकारी अस्पतालों में नहीं है. जिन लोगों का हल्का जख्म होता है उनके लिए तो सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज सूई की व्यवस्था है, लेकिन ऐसे लोग जिनका जख्म गहरा होता है, उन्हें इम्नोग्लोबिन सूई लगवानी पड़ती है.

बाहर से यह सूई खरीदनी पड़ती है

डॉक्टर 48 घंटे के अंदर यह सूई लेने को कहते हैं. सदर अस्पताल में रोज एक से दो मरीज ऐसे सूई के लिए भटकते हैं, लेकिन अस्पतालों में सप्लाई नहीं होने से उन्हें बाहर से यह सूई खरीदनी पड़ती है. अस्पताल अधीक्षक डॉ बीएस झा ने कहा कि इस सूई की सप्लाई फिलहाल नहीं है. इसकी कीमत करीब आठ हजार है. अस्पताल की ओर से सूई की व्यवस्था का दूसरा विकल्प नहीं है. नतीजा लोगों को बाहर से सूई खरीदनी पड़ रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >