मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मोबाइल छीनो, लॉक तोड़ो और बेचकर पैसे कमाओ… इसी ‘क्राइम मॉडल’ पर काम कर रहे एक शातिर गिरोह का अहियापुर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. महिलाओं और राहगीरों को सबसे आसान शिकार समझने वाले इस गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है.
नाजिरपुर बांध के पास छापेमारी में दो गिरफ्तार
अहियापुर थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मोबाइल छीनतई की घटनाओं के बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नाजिरपुर बांध के पास कुछ युवक किसी संदिग्ध गतिविधि में जुटे हुए हैं. सूचना के आधार पर एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा के निर्देश पर अहियापुर थाना अध्यक्ष शरत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाजिरपुर बांध के पास छापेमारी की और मौके से बबलू उर्फ छोटू और रत्नेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
निशानदेही पर मिला चोरी का सामान और मशीन
पकड़े गए दोनों आरोपियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो कई अहम सुराग हाथ लगे. इसी आधार पर पुलिस ने तुरंत जीरोमाइल इलाके में छापेमारी कर गिरोह के तीसरे सदस्य अकबर अली को भी दबोच लिया. इसके बाद अकबर की निशानदेही पर नीरज शर्मा के घर पर रेड की गई. हालांकि, नीरज शर्मा पुलिस के पहुंचने से पहले ही भागने में सफल रहा, लेकिन उसके घर की तलाशी के दौरान चोरी का लैपटॉप, आईपैड, कई मोबाइल फोन और मोबाइल लॉक तोड़ने वाली हाईटेक मशीन बरामद की गई.
कौड़ियों के भाव बेच देते थे कीमती फोन
एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 17 मोबाइल फोन, एक आईपैड, एक लैपटॉप, मोबाइल लॉक तोड़ने वाली मशीन और एक बाइक बरामद की गई है. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे राहगीरों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाकर छीनतई करते थे. इसके बाद मोबाइल का लॉक मशीन से तोड़कर उसे मात्र 1500 से 2000 रुपये में बेच दिया करते थे.
फरार आरोपी की तलाश जारी: पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि फरार आरोपी नीरज शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
