Muzaffarpur News: नीट पेपर लीक मामले, शैक्षणिक भ्रष्टाचार और आंदोलनकारी छात्र-युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्र संगठन आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है. बंद को सफल बनाने के लिए भाकपा-माले और उससे जुड़े जनसंगठनों ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर शहर के विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क अभियान, प्रचार-प्रसार और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया.
शहर के विभिन्न इलाकों में चलाया जनसंपर्क अभियान
छात्र-युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठनपुरा, अघोरिया बाजार, कलमबाग चौक, छाता चौक, माड़ीपुर, भगवानपुर, ब्रह्मपुरा, कंपनीबाग, स्टेशन रोड, मोतीझील, कल्याणी चौक, टावर चौक, सरैयागंज, सिकंदरपुर, अखाड़ाघाट, बनारस बैंक चौक, जेल रोड और कन्हौली खादी भंडार सहित कई स्थानों पर दुकानदारों, आम नागरिकों और युवाओं से संपर्क कर बिहार बंद का समर्थन करने की अपील की.
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर लगाए आरोप
प्रचार अभियान के दौरान आइसा नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और शैक्षणिक भ्रष्टाचार के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को तत्काल भंग करने की भी मांग उठाई.
शांतिपूर्ण बंद की अपील
छात्र-युवा नेताओं ने आम जनता और व्यवसायियों से अपने अधिकारों के समर्थन में बिहार बंद में भाग लेने की अपील की. साथ ही कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से होगा तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या अराजक गतिविधि से दूर रहने का आग्रह किया गया.
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता
प्रचार अभियान और नुक्कड़ सभाओं में आइसा नेता नीरज, आरवाईए के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार, ऐपवा जिला सचिव रानी प्रसाद, ऐक्टू नेता नीलकमल, खेग्रामस के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी तथा भाकपा-माले के जिला सचिव जितेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.
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