Muzaffarpur News: उत्तर बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के बैरिया बस पड़ाव के निर्माण में हो रही लापरवाही को लेकर अब ‘महा-संग्राम’ छिड़ गया है. स्मार्ट सिटी योजना के तहत अत्याधुनिक बनाए जा रहे इस बस पड़ाव की कछुआ चाल, घटिया निर्माण कार्य और इसके कारण रोज-रोज लग रहे भीषण जाम से तंग आकर बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने मोर्चा खोल दिया है. फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मुकेश शर्मा और जिला प्रवक्ता कामेश्वर महतो ने तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त (कमिश्नर) को एक शिकायती पत्र सौंपकर इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व संवेदक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
पहली ही बरसात में चूने लगीं नवनिर्मित कमरों की छतें
कमिश्नर को सौंपे गए पत्र में फेडरेशन ने निर्माण की गुणवत्ता और लेटलतीफी को लेकर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं:
- डेडलाइन फेल: बैरिया बस पड़ाव को चमकाने और अत्याधुनिक रूप देने का यह काम मात्र 18 महीनों में पूरा होना था, लेकिन तय समय सीमा से 12 महीने ऊपर यानी पूरे 30 महीने बीत जाने के बाद भी काम लटका हुआ है.
- मूल योजना में कटौती: आरोप है कि बस पड़ाव की मूल योजना के स्वरूप में चुपके से काफी कटौती कर दी गई है.
- चहारदीवारी का खेल: पड़ाव के चारों तरफ की बाउंड्री वॉल (चहारदीवारी) में केवल आगे के हिस्से को नया बनाया गया है, जबकि बाकी बची पुरानी और जर्जर दीवारों पर केवल रंग-रोगन और मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई है.
- घटिया निर्माण की खुली पोल: परिसर के भीतर जो नए कमरे और ऑफिस बनाए गए हैं, उनकी छतें पहली ही बरसात में टपकने (कूने) लगी हैं, जिससे निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.
फेडरेशन ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी और अव्यवस्था के कारण बैरिया चौक और आसपास के इलाकों में हर दिन घंटों भीषण जाम लगा रहता है. इससे न सिर्फ बस चालकों और ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री और स्कूली बच्चे इस नारकीय स्थिति को झेलने को मजबूर हैं. फेडरेशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कमिश्नर स्तर से इस मामले की तुरंत उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित नहीं किया गया और काम में तेजी नहीं लाई गई, तो चक्का जाम कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.
मुजफ्फरपुर से कुमार गौरव की रिपोर्ट
