मौत का मोड़ बन गया है यह बाइपास, अब तक जा चुकी है कई जानें, NHAI ने कर दी है लापरवाही की हद

NHAI Madhaul Bypass: गोलंबर न होने से वाहनों का आवागमन अनियंत्रित रहता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. स्पीड कम करने या फिर आगे तीखी मोड़ है. इससे संबंधित कोई साइन बोर्ड भी एनएचएआई ने नहीं लगाया है. इससे मधौल बाईपास मोड़ पर हमेशा खतरे की आहट सुनाई देती रहती है.

NHAI Madhaul Bypass, देवेश कुमार, मुजफ्फरपुर: राष्ट्रीय राजमार्ग 77 (नया एनएच 22) पर स्थित मधौल बाईपास मोड़ इन दिनों मौत का मोड़ बन गया है. तेज रफ्तार वाहनों के चलते यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. इस खतरनाक मोड़ पर गोलंबर की सख्त जरूरत है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके. स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मोड़ पर वाहनों की तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं. खासकर रात के समय यहां की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है.

मुजफ्फरपुर मधौल बाईपास

लोग लगा रहे गुहार लेकिन सुनने वाला कोई नहीं

स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने राजमार्ग प्राधिकरण से तत्काल इस मोड़ पर गोलंबर का निर्माण कराने की मांग की है. गोलंबर के निर्माण से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आयेगी. यह मोड़ स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों के लिए सुरक्षित हो जायेगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ अब एक्सीडेंटल जोन बन गया है, और यहां गोलंबर का निर्माण होना बहुत जरूरी है.

मुजफ्फरपुर मधौल बाईपास

क्या बोले ट्रैफिक DSP

ट्रैफिक डीएसपी नीलाभ कृष्ण ने कहा “इस खतरनाक मोड़ के बारे में वरीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं. यहां पर दुर्घटना नहीं हो. इसके लिए एनएचएआई, परिवहन विभाग से लेकर मुख्यालय तक के वरीय अधिकारियों से गोलंबर सहित आवश्यक अन्य तरह की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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