वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल परिसर स्थित मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) में शहरी महिलाओं की प्रसव कराने की संख्या लगातार कम हो रही है. आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से सितंबर 2025 तक मात्र 542 शहरी महिलाएं ही प्रसव कराने पहुंचीं. औसतन हर दिन सिर्फ दो महिलाएं प्रसव के लिए एमसीएच आती हैं. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से 2171 महिलाएं इस अवधि में यहां प्रसव कराने पहुंचीं. इस तरह कुल 2713 प्रसव एमसीएच में दर्ज किए गए. लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम प्रसव एमसीएच में सुविधाएं बढ़ाने के बाद हर माह नौ हजार गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसका अर्थ है कि प्रतिदिन 30 प्रसव होने चाहिए. लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि प्रति माह सिर्फ 227 प्रसव हो रहे हैं, यानी हर दिन सात महिलाएं भी प्रसव कराने नहीं पहुंच रही हैं. प्रोत्साहन योजनाओं का असर नहीं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. गर्भवती को अस्पताल तक लाने और प्रसूता को घर तक छोड़ने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा, प्रसव होने पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 5,000 रुपये और जननी सुरक्षा योजना के तहत भी आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके बावजूद एमसीएच में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या अपेक्षा से काफी कम है. हालांकि, संस्थागत प्रसव में कमी दर्ज होने के बावजूद प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं की मौत का आंकड़ा घटा है, जो व्यवस्था सुधार का संकेत देता है.
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