बुजुर्गों में खांसी-जुकाम, बच्चों में टाइफाइड का खतरा

बुजुर्गों में खांसी-जुकाम, बच्चों में टाइफाइड का खतरा

:: बुजुर्गों में कम हुई प्रतिरोधक क्षमता; बच्चों में 40% मामले टाइफाइड के वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर ठंड बढ़ने के साथ ही बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चे भी बीमार पड़ने लगे हैं. 60-65 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग जहां खांसी, जुकाम व बुखार से परेशान हैं, तो वहीं बच्चों में टाइफाइड की समस्या हो रही है. ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक परिजन इस बीमारी को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे बुजुर्गों को ठंड से बचाव करने की ज़रूरत है. फिजिशियन डॉ एस के पांडे कहते हैं कि ठंड में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. ऐसे में ठंडे पानी से नहाने के साथ ही किसी भी ऐसी चीज़ का सेवन जिसकी तासीर ठंडी हो, उससे बचने की ज़रूरत है. हृदय रोग, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर है तो उसे और भी बचाव की ज़रूरत है. ठंड बढ़ते ही बुजुर्गों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है. समय पर इलाज करने के साथ ही डॉक्टर की तरफ से बताई गई सतर्कता व खानपान का विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है. डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच के बाद लगभग 40 प्रतिशत रोगियों में टाइफाइड की समस्या हो रही है. सदर अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि इन समस्या को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं. मरीजों की जांच के बाद अधिकतर मरीजों का सीआरपी बढ़ा मिल रहा है. टाइफाइड से बचाव के लिये हाथों को साफ रखें, हाथों को साफ करते रहें, हाथों से मुंह को न छूएं, साफ और सीलबंद बोतल का पानी पीयें, कच्चे फल और सब्जियों का सेवन नहीं करें. कच्चा दूध नहीं पीयें, सुरक्षित भोजन करें. इसके अलावा स्वच्छ शौचालय का ही उपयोग करें.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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