Budget 2025: आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा उतरा बजट, आयकर में छूट से मिली राहत

Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी शनिवार को आम बजट पेश किया. इस बजट में आम आदमी को काफी राहत दी गई है. लोगों की सबसे अधिक खुशी 12 लाख तक की आय टैक्स से मुक्त किए जाने से है. जानिए लोगों की प्रतिक्रिया…

Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा शनिवार को प्रस्तुत बजट की शहर के व्यवसायियों, युवा और सीए सहित आम लोगों ने सराहना की. लोगों की सबसे अधिक खुशी 12 लाख तक की आय टैक्स से मुक्त किये जाने से थी. अब तक इतनी राशि की आय पर लोगों को 80 हजार टैक्स देना पड़ता था. इसके अलावा अपडेटेड रिटर्न भरने की सीमा चार साल किए जाने से लोगो को राहत मिली है. व्यवसायियों का कहना था कि आयकर में छूट उनकी मांग थी जो पूरी हुई. कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की 26 प्रकार की दवाओं पर टैक्स कम किया जाना भी सरकार की अच्छी पहल है, लेकिन सीनियर सिटीजंस को रेलवे में रियायत नहीं दी गयी है, इससे एक बड़ा वर्ग जिस राहत की उम्मीद कर रहा था, वह पूरी नहीं हुई. महिलाओं ने भी बजट को सराहा. घरेलू और कामकाजी महिलाओं का कहना था कि महिलाओं को उद्योग से जोड़ने की पहल से महिलाओं का विकास होगा. यहां बजट पर लोगों की राय रखी जा रही है –

एसएसी एसटी महिलाओं को मिलेगा फायदा

गृहिणी मीना कुमुद ने कहा कि महिलाओं के लिए बजट में प्रावधान किया गया है. एसएसी और एसटी की पांच लाख महिलाओं को सरकार उद्यम खड़ा करने के लिए वित्तीय सहायता देगी़ साथ ही उन्हें प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान किया जाएगा. सरकार की यह अच्छी पहल है. इसके अलावा पिछ़ड़े वर्ग की की महिलाओं के लिए खास स्कीम लाने की घोषणा की गयी है. महिलाओं के हितों का ध्यान रखा गया है.

कैंसर की दवाओं पर टैक्स में छूट से राहत

बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के रंजन साहू ने कहा कि केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन बहुत पहले से सरकार से मांग कर रहा था कि गंभीर बीमारियों की दवा में जीएसटी कम किया जाए. इस बार सरकार ने मांग सुनी है और कैंसर की महंगी दवाओं से टैक्स बहुत कम किया है. सरकार की यह अच्छी पहल है. इससे कैंसर पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक नुकसान कम होगा. सरकार का यह फैसला जनहित में है.

अस्थायी कर्मचारियों की लिए अच्छी पहल

व्यवसायी विनोद केजरीवाल ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के लिए सरकार ने अच्छी पहल की है. अब विभिन्न संगठनों में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों का डाटा श्रम विभाग के पोर्टल पर अपलोड होगा. इन कर्मचारियों को पांच लाख इंश्योरेंस की सुविधा मिलेगी. किसानों के लिए भी सरकार ने अच्छा फैसला किया है. अब किसानों का क्रेडिट कार्ड तीन लाख से बढ़ा कर पांच लाख कर दिया गया है.

जीडीपी का ग्रोथ बढ़ाने की नहीं हुई पहल

व्यवसायी दिलीप तुलस्यान ने कहा कि आयकर में छूट तो अच्छी पहल है, लेकिन सरकार ने वित्तीय घाटे को 4.4 फीसदी ही रखा है. पहले से प्लानिंग थी कि वित्तीय घाटे को 4 फीसदी से कम किया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. देश का जीडीपी ग्रोथ भी अभी कम है. पीएम देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने की बात कहते हैं, लेकिन यह तभी होगा, जब हमारा जीडीपी सात फीसदी से अधिक होगा.

बजट में मध्यम वर्ग का रखा गया ध्यान

वहीं व्यवसायी सज्जन शर्मा ने कहा कि इस बार का बजट बहुत अच्छा है. हमलोगों ने जैसी उम्मीद की थी. उसी तरह का बजट है. सरकार ने लोगों के हितों का ध्यान रखा है. इस बजट से मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा मिलेगा. आयकर में छूट से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी. सरकार का यह बजट देश को विकसित करने वाला बजट है. इस बजट में युवाओं, महिलाओं, नौकरीपेशा सहित व्यवसायियों के लिए भी बहुत कुछ है.

बुजुर्गों के टैक्स डिडक्शन की सीमा हुई एक लाख

व्यवसायी अनूप ककरानिया ने बजट को लेकर कहा कि सरकार ने सीनियर सिटिजंस के लिए भी बजट में बहुत कुछ रखा है. बुजुर्गों के टैक्स डिडक्शन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है. इससे बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी टैक्स देनदारी कम होगी. अपडेटेड रिटर्न भरने की सीमा पहले दो साल थी. अब इसे चार साल कर दिया गया है. इससे लोगों को सुविधा मिलेगी. बजट अपेक्षाओं पर खड़ा उतरा है.

महिलाओं को स्वावलंबी बनायेगा बजट

एमडीडीएम कॉलेज की प्राध्यापिका डॉ भावना ने कहा कि यह बजट निम्न, मध्यम और उच्च वर्ग की सभी महिलाओं के लिए लाभकारी है. पहली बार बजट में महिलाओं के लोन को एक्सटेंड करने के बात की गयी है. इसके साथ ही पांच लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है. महिलाओं के उद्योग और काम के लिए डिजिटल मार्केटिंग से प्रमोट करने का प्रावधान भी अच्छी पहल है. इससे महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी.

टीडीएस और टीसीएस का किया सामान्यीकरण

सीए हिमांशु नाथानी ने कहा कि सरकार ने इस बार टीडीएस और टीसीएस का सामान्यीकरण किया है. विदेशों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को टीसीएस में छूट मिली है, इससे शिक्षा में लाभ मिलेगा. अपडेट रिटर्न पहले दो साल का था, अब चार साल हो गया है. सरकार की यह अच्छी पहल है. इस बार का बजट लोगों की आंकाक्षाओं के अनुरूप है. इस बजट से लोगों को फायदा मिलेगा, ऐसी उम्मीद है.

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12 लाख तक की आय पर 80 हजार की छूट

टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि पहले 12 लाख तक की आय पर 80 हजार टैक्स देना पड़ता था. अब उस टैक्स से राहत मिल गयी है. यह मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बड़ी राहत है. सरकार ने लोगों की मांग को पूरा किया है. बजट में लोगों की जो उम्मीदें थी, उससे अधिक मिला है. अधिकतर लोग टैक्स में छूट की सीमा 10 लाख कह रहे थे, लेकिन अब 12 लाख तक की आय पर छूट मिल गयी है. यह अच्छी पहल है.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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