वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर गुलाबी ठंड पडने के साथ ही कुत्तों के काटने के मामलों में भारी इजाफा हो रहा है. पिछले दो सप्ताह में कुत्तों के काटने की घटनाएं इतनी बढ़ गई है कि सदर अस्पताल में एंटी रैबीज लेने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है. रोजाना 50 से 60 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने अस्पताल पहुंच रहे हैं. यह संख्या न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह शहरवासियों के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है. सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इनमें से अधिकतर मामले पालतू कुत्तों के काटने के हैं. डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि पालतू कुत्तों को रैबीज के खिलाफ वैक्सीन लगाया जाता है, लेकिन उनके काटने के बाद भी लोग एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे सतर्क है. बढ़ते मामलों के मद्देनजर अस्पताल ने अतिरिक्त वैक्सीन का ऑर्डर दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा और पालतू दोनों प्रकार के कुत्तों से सावधानी बरतना जरूरी है. बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
