मुजफ्फरपुर के बंदरा से सूर्यमणि कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: बंदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिकित्सकों की कमी की समस्या से जूझ रहा है. अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण 24 घंटे और सातों दिन स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इसे लेकर सीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन सहित वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर अतिरिक्त चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की मांग की है.
केवल तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा अस्पताल
जानकारी के अनुसार, डॉ. पंकज कुमार के निलंबन के बाद वर्तमान में सीएचसी में केवल तीन चिकित्सक कार्यरत हैं. इनमें सीएचसी प्रभारी डॉ. नौशाद अहमद, डॉ. अरुण कुमार और डॉ. खुशबू कुमारी शामिल हैं. डॉ. नौशाद अहमद ने बताया कि उन्हें मरीजों के उपचार के साथ-साथ विधि-व्यवस्था संबंधी बैठकों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में भी भाग लेना पड़ता है. ऐसे में सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के साथ अस्पताल का संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया है.
प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे अस्पताल
सीएचसी में प्रतिदिन औसतन 200 ओपीडी और करीब 20 आईपीडी मरीजों का इलाज किया जाता है. बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले इस केंद्र में डॉक्टरों की कमी का सीधा असर सेवा व्यवस्था पर पड़ सकता है.
तीन और चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की मांग
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन समेत अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन भेजा गया है.
उन्होंने कम से कम तीन अतिरिक्त चिकित्सा पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और अस्पताल का संचालन प्रभावी ढंग से जारी रखा जा सके.
