तामिलनाडु की तर्ज पर विकास, एसी व टाइल्स-मार्बल भी लगेंगे, हर जिले में एक केंद्र होगा मॉडल

मुजफ्फरपुर : राज्य के हर जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा. तमिलनाडु की तर्ज पर बिहार में भी यह कवायद की जा रही है. आईसीडीएस विभाग के निदेशक ने मुजफ्फरपुर की डीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्र खोजने का निर्देश जारी कर दिया गया है. आंगनबाड़ी केंद्राें पर बच्चों को […]

मुजफ्फरपुर : राज्य के हर जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा. तमिलनाडु की तर्ज पर बिहार में भी यह कवायद की जा रही है. आईसीडीएस विभाग के निदेशक ने मुजफ्फरपुर की डीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्र खोजने का निर्देश जारी कर दिया गया है.
आंगनबाड़ी केंद्राें पर बच्चों को हर तरह की सुविधा मिले इसके लिए नयी पहल की जा रही है. आईसीडीएस विभाग ने इसके लिए सभी जिलों को भवन युक्त आंगनबाड़ी केंद्रों की खोज करने को कहा है.
भवन युक्त होने के साथ वहां शौचालय और पानी जैसी सुविधाएं भी होनी चाहिए. डीपीओ आईसीडीएस ललिता कुमारी ने बताया कि केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित करना है, इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है. जिस आंगनबाड़ी केंद्र का चयन मॉडल के रूप में किया जाना है, वहां सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी. विभाग के अनुसार मॉडल बने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे एसी की हवा खायेंगे और फर्श पर टाइल्स व मार्बल भी लगेगा. इसके अलावा केंद्र के भवन को भी दुरुस्त किया जायेगा और वहां शीशे के ग्लास लगाये जायेंगे.
शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र से ही इसकी शुरुआत होगी. आंगनबाड़ी केंद्रों को तमिलनाडु की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, तामिलनाडु में सभी केंद्र काफी बेहतर तरीके से चलते हैं और वहां सभी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति भी शत-प्रतिशत रहती है.
उसी का आधार मानते हुए बिहार में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने की तैयारी की जा रही है जिससे देशभर में बिहार के भी आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थान बन सके.
एनजीओ की भी ली जायेगी मदद
आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल बनाने के लिए एनजीओ की भी मदद ली जायेगी. एनजीओ वहां पोषाहार उपलब्ध कराने में मदद करेगी और उसकी देखरेख भी करेगी. पोषाहार समय पर और हर बच्चे को मिले इसके लिए भी पूरी माॅनीटरिंग की व्यवस्था की जायेगी. इसके अलावा महिलाओं को कुपोषण से दूर करने के लिए उन्हें भी नियमित टीके लगाने पर विशेष जोर दिया जायेगा.

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