डीजल शेड जमालपुर में 4.97 करोड़ की लागत से शुरू हुआ अंब्रेला वर्क्स
डीजल शेड जमालपुर में अंब्रेला वर्क्स आरंभ हो गया है. इसके लिए 4.97 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है.
डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन मेंटेनेंस के लिए तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
जमालपुर. डीजल शेड जमालपुर में अंब्रेला वर्क्स आरंभ हो गया है. इसके लिए 4.97 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है. जिसके तहत डीजल शेड में अब डीजल इंजन के बदले इलेक्ट्रिक इंजन के मेंटेनेंस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है.अंब्रेला वर्क्स के अंतर्गत मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सिविल कार्य होंगे पूरे
बताया गया कि अंब्रेला वर्क्स के अंतर्गत डीजल शेड जमालपुर में रेलवे के विभिन्न संभाग यथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सिविल में 4.97 करोड़ की लागत से परिवर्तन किया जाएगा. इसके अंतर्गत नयी बिल्डिंग, नए इक्विपमेंट, नयी मशीनरीज, नए प्लांट्स, यूजफुल टूल्स, कैथोलिक कंप्यूटर और रेल कर्मचारियों की सुविधाएं बढ़ायी जाएगी. इसके अंतर्गत रेल कर्मियों के लिए अलग से बाइक स्टैंड का भी निर्माण किया जाएगा. डीजल शेड में जलापूर्ति के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी और डीजल शेड कैंटीन के निकट नया बोरिंग किया गया है. साथ ही पुराने पाइप लाइन को हटाकर नए पाइपलाइन कनेक्शन किया जा रहा है.हेवी ड्यूटी जैक पॉइंट का किया जा रहा निर्माण
अंब्रेला योजना के तहत डीजल शेड जमालपुर की बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है. इसके तहत डीजल इंजन के मेंटेनेंस वाले संसाधनों को अपग्रेड कर इलेक्ट्रिक इंजन के मेंटेनेंस के लिए बनाया जा रहा है. इसी सिलसिले में हैवी ड्यूटी जैक पॉइंट का भी निर्माण किया जा रहा है. डीजल इंजन के लिए बनाए गए इस कार्य हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर को डिमोलिश कर वहां नए सिरे से काम कराया जा रहा है. डीजल इंजन अब भारतीय रेल में चलन से बाहर होने को है और उसके स्थान पर इलेक्ट्रिक इंजन का प्रयोग किया जाने लगा है, हालांकि कुछ डीजल इंजन को शंटिंग काम के लिए उपयोग में रखा गया है. आने वाले दिनों में डीजल शेड जमालपुर पूरी तरह से बदलने वाला है, क्योंकि डीजल शेड जमालपुर के एक्सटेंशन के लिए भी रेलवे बोर्ड ने मोटी राशि निर्गत की है. जिससे डीजल शेड का कायाकल्प हो जाएगा. फिलहाल डीजल शेड जमालपुर में 51 इलेक्ट्रिक इंजन के रखरखाव का काम चल रहा है.4.97 करोड़ रुपए की लागत से डीजल शेड जमालपुर में अंब्रेला वर्क्स आरंभ हुआ है. इससे डीजल शेड में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जा रहा है, ताकि डीजल शेड के बुनियादी ढांचे को परिवर्तित और अपग्रेड किया जा सके.
दीप्तिमोय दत्ता, सीपीआरओ, पूर्व रेलवे कोलकाताB
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