भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट:
The Mayaganj Web Series: अंग क्षेत्र के चर्चित साहित्यकार और पटकथा लेखक डॉ. निर्जर वृन्द की आगामी वेब सीरीज ‘द मायागंज’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. वेब सीरीज का विशेष गीत ‘तू ही मेरी वजह’ जल्द ही दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा. इस गीत की शूटिंग बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन एवं आध्यात्मिक स्थल ऋषिकुंड, मुंगेर में होगी.
डॉ. निर्जर वृन्द ने बताया कि यह गीत प्रेम, समर्पण और भावनात्मक जुड़ाव की गहराई को दर्शाएगा. वेब सीरीज की कहानी में यह गीत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और कथानक को भावनात्मक मजबूती प्रदान करेगा.
उन्होंने बताया कि उनकी चर्चित कृति ‘खण्डिता’ को पाठकों से व्यापक सराहना मिली है. यह उपन्यास मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों की जटिलताओं और सामाजिक यथार्थ का प्रभावशाली चित्रण करता है. ‘द मायागंज’ की कहानी में भी कई ऐसे तत्व शामिल हैं, जो ‘खण्डिता’ की भावनात्मक पृष्ठभूमि से मेल खाते हैं.
ऋषिकुंड का प्राकृतिक सौंदर्य बनेगा आकर्षण का केंद्र
प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ियों की मनोरम छटा और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध ऋषिकुंड को गीत की शूटिंग के लिए चुना गया है. डॉ. वृन्द के अनुसार गीत की भावनात्मक मांग को देखते हुए यह लोकेशन सबसे उपयुक्त पाई गई. यहां का प्राकृतिक परिवेश गीत को विशेष आकर्षण और भव्यता प्रदान करेगा. शूटिंग से पहले लोकेशन का स्पॉट वेरिफिकेशन भी किया जा चुका है.
‘एड्स’ कहानी के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
नाथनगर के नसरतखानी निवासी एवं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. निर्जर वृन्द को वर्ष 2025 में बेंगलुरु में आयोजित इंडियन फिल्म हाउस फिल्म फेस्टिवल में उनकी कहानी ‘एड्स’ के लिए प्रथम पुरस्कार मिला था. फेस्टिवल के मुख्य अतिथि मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने उन्हें 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया था.
बॉलीवुड के बड़े बैनर बना रहे फिल्में
डॉ. निर्जर वृन्द की रचनात्मक प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी तीन कहानियों पर बॉलीवुड के तीन बड़े प्रोडक्शन हाउस फिल्म निर्माण की तैयारी कर रहे हैं. इनमें करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन, सूरज बड़जात्या की राजश्री प्रोडक्शन और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट शामिल हैं.
साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में लगातार मिल रही उपलब्धियों के कारण डॉ. निर्जर वृन्द अंग क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं.
