सीनेट बैठक के पूर्व अभाविप व छात्र राजद ने ऑडिटोरियम का गेट बंद कर किया जोरदार प्रदर्शन

मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेट की बैठक शुक्रवार को आरडी एंड डीजे कालेज ऑडिटोरियम में होनी थी, लेकिन बैठक से पूर्व अभाविप तथा छात्र राजद कार्यकर्ताओं ने ऑडिटोरियम गेट बंद कर जमकर प्रदर्शन किया.

विश्वविद्यालय में अनियमित शैक्षणिक व्यवस्था पर जमकर बरसे छात्र नेता

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेट की बैठक शुक्रवार को आरडी एंड डीजे कालेज ऑडिटोरियम में होनी थी, लेकिन बैठक से पूर्व अभाविप तथा छात्र राजद कार्यकर्ताओं ने ऑडिटोरियम गेट बंद कर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान सभी छात्र नेता मुख्य गेट के बाहर बैठ गये और जमकर नारेबाजी की. साथ ही कार्यकर्ता कुलपति गो बैक, कुलपति की मनमानी नहीं चलेगी, भ्रष्टाचार के आरोपित अधिकारियों पर कार्रवाई करो आदि का नारा लगा रहे थे. इस बीच कुलसचिव डॉ घनश्याम राय प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी कुलपति को बुलाने की जिद पर अड़े रहे. सीनेट बैठक के विरोध में सभी कार्यकर्ता सभागार में प्रवेश कर गए तथा मुख्य मंच के नीचे बैठ प्रदर्शन किया. इस कारण जो सीनेट बैठक 11:00 बजे से ही होनी थी. वह दो घंटे बाद भी शुरू नहीं हो पायी. इस बीच कई सीनेट सदस्य निर्धारित बैठक स्थल आरडी एंड डीजे कालेज में सभागार में फंसे रहे. इधर विद्यार्थियों के हंगामे को देखकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस बल को बुला लिया. वहीं दूसरी ओर छात्रों के प्रदर्शन और उग्र होता देख कुलपति तथा अन्य सीनेट सदस्य, जो मुख्य बैठक स्थल के बाहर थे, सिंडिकेट हाल में पहुंचे तथा वहीं बैठक संपन्न कराई गयी. इस बीच सिंडिकेट हाल में बैठक होने की सूचना मिलने पर प्रदर्शनकारी छात्र उग्र हो उठे तथा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर पहुंच गए व प्रवेश द्वार को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा लगातार हंगामा करते रहे.

छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय पर लगाये कई गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय पर कई गंभीर आरोप लगाये. छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा 6 माह बाद भी सत्र 2023-27 स्नातक सेमेस्टर-4 का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है. जिससे छात्र-छात्राओें का भविष्य दांव पर लगा है. साल 2025 में सत्र 2021-24 स्नातक के लिये दीक्षांत समारोह हुआ, लेकिन अबतक कई विद्यार्थियों को मूल प्रमाण पत्र नहीं मिला है. हद तो यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा उक्त सत्र के टीआर में कई विद्यार्थियों को उत्तीर्ण बताया गया है, लेकिन जब दूसरे विश्वविद्यालय या कॉलेजों में नामांकन के दौरान वहां से गोपनीय जानकारी मांगी जा रही है तो बताया जा रहा है कि उक्त विद्यार्थी अनुत्तीर्ण है. जो विश्वविद्यालय में बड़ा घोटाला है. इस दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय के पेमेंट गेटवे द्वारा विद्यार्थियों से लिये जा रहे अतिरिक्त राशि के जांच की मांग भी की.

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By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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