मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे चलता रहा ओपीडी, लंबी लाइनों में मरीज रहे परेशान

सदर अस्पताल में भले ही पिछले कुछ सालों में आधारभूत संरचना और सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक और कर्मियों की कमी अस्पताल प्रबंधन के साथ मरीजों के लिये मुसीबत बनती जा रही है.

बदहाली. चिकित्सकों की कमी बढ़ा रही मुसीबत, इलाज के नाम पर खानापूर्ति

मुंगेर. सदर अस्पताल में भले ही पिछले कुछ सालों में आधारभूत संरचना और सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक और कर्मियों की कमी अस्पताल प्रबंधन के साथ मरीजों के लिये मुसीबत बनती जा रही है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को सदर अस्पताल में ओपीडी का संचालन मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे होता रहा. जहां मरीजों की लंबी लाइन लगी रही.

वैसे तो मंगलवार को सदर अस्पताल के ओपीडी में सामान्य चिकित्सक के रूप में डॉ हेमंत कपूर और डॉ शशिप्रकाश की ड्यूटी थी, जबकि हड्डी में डॉ बीएन सिंह और नेत्र में डॉ पुतुल कुमारी की ड्यूटी थी, लेकिन मंगलवार को डॉ बीएन सिंह और डॉ पुतुल कुमारी के अवकाश पर रहने के कारण ओपीडी का संचालन मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे होता रहा. हड्डी, दंत और सामान्य फिजिशियन ओपीडी का संचालन मात्र दो चिकित्सक डॉ हेमंत कपूर और डॉ शशिप्रकाश द्वारा ही किया गया. इस कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही.

कहते हैं प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक

प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रमन कुमार ने बताया कि डॉ बीएन सिंह 20 मार्च तक अवकाश पर हैं, जबकि दंत चिकित्सक डॉ पुतुल कुमारी मंगलवार को अवकाश पर थी. इस कारण दो चिकित्सक ही ओपीडी में थे. इसके अतिरिक्त महिला ओपीडी और नेत्र ओपीडी में चिकित्सक मौजूद थे.

—————–

छह माह में चले गये सर्जन सहित छह चिकित्सक

मुंगेर. सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का हाल यह है कि साल 2025 से अबतक के 6 माह में ही अस्पताल में कार्यरत 6 चिकित्सक जा चुके हैं. इसमें कई चिकित्सक इस्तीफा दे चुके हैं या कई चिकित्सक लंबे अवकाश पर चले गये हैं. इसमें सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ प्रेमप्रकाश, जनरल सर्जन डॉ निलेश, डॉ नीतीश राज, डॉ स्मृति सिंह, डॅ स्वाति अटोलिया, डॉ रजनीश, ऑर्थो सर्जन डॉ विशाल शामिल हैं, जबकि सदर अस्पताल में संचालित ओपीडी, इमरजेंसी, पुरुष मेडिकल व सर्जिकल, महिला मेडिकल व सर्जिकल, आईसीयू, ओटी, प्रसव केंद्र, एमसीएच, एसएनसीयू, एनआरसी, पीकू वार्ड की जिम्मेदारी के लिये मात्र 23 चिकित्सक ही कार्यरत है, जबकि अस्पताल में चिकित्सकों के कुल स्वीकृत पद 32 हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >