सदर अस्पताल में आम लोगों के लिये जीविका दीदी की रसाई बंद, मरीजों के खाने के मैन्यू में बदलाव की मांग
मुंगेरएलपीजी गैस की किल्लत के कारण चल रही मारामारी के बीच अब सदर अस्पताल के मरीजों के लिये भी खाने की मुसीबत बढ़ सकती है. क्योंकि गैस की किल्लत को लेकर जहां सदर अस्पताल में जीविका दीदी की रसोई आमलोगों के लिये बंद कर दिया गया है. वहीं जीविका दीदी की रसोई प्रबंधन ने सिविल सर्जन और अस्पताल उपाधीक्षक को पत्र देकर मरीजों के खाने के मैन्यू में बदलाव करने की मांग की है, ताकि गैस के उपयोग को कम किया जा सके.
बता दें कि रसाई गैस की किल्लत के बीच गुरूवार से सदर अस्पताल में संचालित जीविका दीदी की रसोई को आमलोगों के लिये बंद कर दिया गया है. हलांकि गुरूवार को मरीजों को जीविका दीदी द्वारा मैन्यू के अनुसार खाना दिया गया, लेकिन गैस की कमी को लेकर जीविका दीदी की रसोई ने सिविल सर्जन और अस्पताल उपाधीक्षक को पत्र दिया है. जिसमें कहा कि रसोई गैस सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. उपलब्ध गैस सिलेंडर से मरीजों को दो दिनों का खाना दिया जा सकता है, लेकिन कमी के कारण इसके बाद मरीजों के लिये खाना उपलब्ध कराना भी मुश्किल होगा. ऐसे में मरीजों के तीनों टाइम के खाने के मैन्यू में बदलाव किया जाये और ऐसा मैन्यू तैयार किया जाये. जिसमें गैस की खपत कम हो.कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि इसे लेकर अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया है. मरीजों को खाना चिकित्सक द्वारा निर्धारित मैन्यू के अनुसार दिया जाना है. ऐसे में उपाधीक्षक को मामले पर संज्ञान लेने को कहा गया है.————————————
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शहर के कई रेस्टोरेंट भी बंद होने की कगार पर
मुंगेर : रसोई गैस की किल्लत अब शहर में संचालित कई रेस्टोरेंट के लिये भी मुसीबत का कारण बन गया है. हाल यह है कि एलपीजी गैस की कमी के कारण जहां कई रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं. वहीं कई रेस्टोरेंट अब बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं. बता दें कि शहर के अधिकांश रेस्टोरेंट द्वारा कार्मिशियल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है. जबकि कई रेस्टोरेंट द्वारा घरैलू रसोई गैस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन बीते एक सप्ताह से गैस की किल्लत के कारण एलपीजी गैस नहीं मिलने से इन रेस्टोरेंट का शटर गिरने का डर बन गया है. हलांकि एलपीजी गैस की कमी के कारण तो शहर के कई रेस्टोरेंट का शटर पहले ही गिर चुका है.
