बरियारपुर मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बरियारपुर में हंगामा किया. आशा का आरोप है कि आशा मैनेजर द्वारा खर्च के लेखा-जोखा का बिना मिलान किये ही सत्यापित कर हस्ताक्षर कर दिया गया. जिसके कारण अगस्त माह से मानदेय का भुगतान लंबित है. आशा सुनीता कुमारी, रीता कुमारी, कंचन कुमारी, शीला देवी, विजया एवं लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हमलोगों को पिछले अगस्त माह से यानी सात माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. जबकि टेटियाबम्बर स्वास्थ्य केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर स्वास्थ्य केंद्र बरियारपुर में कार्यरत आशा मैनेजर रामबाबू के कार्यकाल में खर्च के लेखा-जोखा का मिलन नहीं किया गया और सत्यापित कर हस्ताक्षर कर दिया गया. इतना ही नहीं दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं को आईडी भी नहीं दिया गया. चिकित्सा प्रभारी डॉ अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि आशा मैनेजर रामबाबू द्वारा खर्च का लेखा-जोखा का बिना मिलान किए सत्यापित कर उसके द्वारा हस्ताक्षर कर दिया गया. इसलिए आशा कार्यकर्ता को पेमेंट करने में परेशानी हो रही है. जबकि डीपीएम द्वारा बिना जांच किए आशा मैनेजर को यहां से विरमित कर दिया गया. जबकि मेरे द्वारा लिखित अनुरोध किया गया था कि रामबाबू द्वारा लेखा-जोखा रजिस्टर पूर्ण नहीं किया गया है. उनके द्वारा कार्य पूरा करने के बाद ही यहां से विरमित किया जाए. साथ ही यहां जो आशा मैनेजर विरमित होकर आने वाला था, उसे विरमित नहीं किया गया. जिसके कारण आशा कार्यकर्ताओं का पेमेंट नहीं हो पा रहा है. इसी बकाये मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने पीएचसी परिसर में हंगामा किया.
सात माह से बकाया मानदेय नहीं मिलने पर आशा ने पीएचसी में किया हंगामा
टेटियाबम्बर स्वास्थ्य केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर स्वास्थ्य केंद्र बरियारपुर में कार्यरत आशा मैनेजर रामबाबू के कार्यकाल में खर्च के लेखा-जोखा का मिलन नहीं किया गया
