लक्ष्य से 22.56 प्रतिशत पीछे चल रहा जिला निबंधन विभाग, मार्च क्लोजिंग में मात्र 19 दिन शेष
31 मार्च तक राजस्व प्राप्ति के टारगेट को पूरा किया जा सके.
By BIRENDRA KUMAR SING | Updated at :
78.18 करोड़ लक्ष्य, प्राप्ति 58.20 करोड़
मुंगेर
जिला निबंधन कार्यालय मुंगेर अपने लक्ष्य से पीछे चल रहा है. निबंधन कार्यालय की माने तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 78.18 करोड़ का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित है. जिसके विरुद्ध अब तक मात्र 74.44 प्रतिशत ही राजस्व प्राप्त हो सकी है. इसके पीछे सरकार लगातार नियमों में बदलाव और सर्वर के डाउन रहने को कारण माना जा रहा है.
राजस्व प्राप्ति में पिछड़ रहा विभाग, कैसे पूरा होगा टारगेट
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला निबंधन कार्यालय के अधीन संचालित तीन निबंधन कार्यालय को 78.18 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया. इसके विरुद्ध 10 मार्च तक 58.20 करोड़ राजस्व प्राप्त कर सकी है. जिसका प्रतिशत 74.44 प्रतिशत है. यानी विभाग लक्ष्य से 22.26 प्रतिशत पीछे चल रहा है. जबकि मार्च क्लोजिंग में मात्र अब 19 दिन शेष बचा हुआ है. इस परिस्थिति में लक्ष्य को पूरा करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक विभाग ने 78.18 करोड़ के विरुद्ध 57 करोड़ 20 लाख 1 हजार 515 रूपया विभाग राजस्व प्राप्त कर चुका था. इस दौरान 8602 दस्तावेज निबंधित हुए. प्रति दस्तावेज आय औसत 66 हजार 496 रूपया था. हालांकि टारगेट पूरा करने के लिए फरवरी महीने से ही जमीन की खरीद-बिक्री के लिए रविवार को भी कार्यालय खोल कर रखा जा रहा है. ताकि 31 मार्च तक राजस्व प्राप्ति के टारगेट को पूरा किया जा सके.
राजस्व प्राप्ति में जिला निबंधन कार्यालय अब्बल
जानकारी के अनुसार, राजस्व प्राप्ति में जिला निबंधन कार्यालय का परफॉर्मेंस बेहतर है. इस कार्यालय को वित्तीय वर्ष 202-26 में 46.57 करोड़ रुपये वार्षिक लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी महीने की समाप्ति तक विभाग ने 39 करोड़ 82 लाख 49 हजार 770 रुपये आय प्राप्त हुआ. इस दौरान 4388 दस्तावेज का निबंधन हुआ. जिसका प्रति दस्तावेज आय 90 हजार 759 रूपये है. फरवरी महीने में तो इस कार्यालय ने राजस्व प्राप्ति में रिकार्ड दर्ज कराते हुए 129.33 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया. जबकि अवर निबंधन कार्यालय हवेली खड़गपुर चालू वित्तीय वर्ष के फरवरी महा तक 61.78 प्रतिशत राजस्व ही प्राप्त कर सकी. मिली जानकारी के अनुसार फरवरी तक इस कार्यालय को 13.78 करोड़ राजस्व प्राप्त करना था. जिसके विरुद्ध 9 करोड़ 21 लाख 72 हजार 152 रूपया ही राजस्व प्राप्त कर सकी. इस दौरान 2203 दस्तावेजों का निबंधन हुआ. जिसका प्रति दस्तावेज आय औसत 41 हजार 839 रूपये था.
कहते हैं पदाधिकारी
जिला अवर निबंधन पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि जिला को 78.18 करोड़ का वार्षिक लक्ष्य दिया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 58.20 करोड़ रूपया राजस्व की प्राप्ति हुई है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में अभी समय है. जमीन खरीद-बिक्री में तेजी आई है.