ताड़ी उतारने के दौरान पेड़ से गिरकर अधेड़ की मौत

परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे

परिवार का एकमात्र सहारा छिना, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल मुंगेर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुतुरखाना गांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय संतोष चौधरी की मौत हो गई. वह गांव के बगीचे में ताड़ के पेड़ से ताड़ी उतार रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़े. गंभीर रूप से घायल संतोष को आनन-फानन में मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जाता है कि संतोष रोजाना की तरह गुरुवार की शाम लगभग 5 बजे ताड़ी उतारने लिए गांव के बगीचे में गया था. लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी दिन साबित होगा. ताड़ के पेड़ पर चढ़ कर वह ताड़ी उतार था, तभी उसका पैर फिसला और नीचे गिर गया. उधर से गुजर रहे लोगों ने उसे जमीन पर पड़ा देखा और परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही परिजन मोटर साइकिल से उसे उठा कर सदर अस्पताल लाया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. यह हादसा एक बार फिर बताता है कि रोजी-रोटी के लिए जोखिम भरे काम करने वाले गरीब परिवारों की जिंदगी कितनी असुरक्षित है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. संतोष चौधरी अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. उनके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक अपने पीछे पत्नी बबली देवी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं. घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, मौत के बाद जहां पत्नी बबली देवी का रो-रोकर बुरा हाल था. वह बार-बार बेहोश हो रही थीं और कह रही थीं, “अब हमनी के कौन सहारा देगा, बच्चों के कैसे पालेब?” बच्चों की आंखों में आंसू और चेहरे पर भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी. स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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