रेल नगरी जमालपुर जाम से बेहाल, सड़कों पर फंसे रहे लोग

रेल नगरी जमालपुर इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रही है. शहर के प्रमुख मार्गों पर रोजाना लगने वाले लंबे जाम ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.

वाहनों की बढ़ती संख्या, सकरी सड़क और अतिक्रमण बनी जाम की बड़ी समस्या

जमालपुर. रेल नगरी जमालपुर इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रही है. शहर के प्रमुख मार्गों पर रोजाना लगने वाले लंबे जाम ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. सुबह और शाम के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है. जब लोग सड़क पर फंस जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इतना ही नहीं दिन में भी जाम के कारण लोग परेशान हैं.

लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों की क्षमता के मुकाबले वाहनों की संख्या कई गुना अधिक हो चुकी है. दिन भर लगने वाली जाम के कारण रेल कर्मी और अन्य ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राएं और व्यवसाय इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि जाम में फंस जाने के बाद 10 मिनट का रास्ता 30 से 35 मिनट में पूरा होता है. जमालपुर शहर के मुख्य चौराहा और बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण ने इस समस्या को और जटिल बना दिया है. सड़क किनारे अवैध दुकान और इधर-उधर की गयी पार्किंग के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होती है. इतना ही नहीं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी जाम का एक बड़ा कारण बन चुका है.

सड़क की चौड़ाई हो गयी कम

सड़क के दोनों तरफ सड़क पर ही दुकान बन जाने के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गयी है, जबकि नित्य प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ते जा रही है. एक आंकड़े के अनुसार ई-रिक्शा की संख्या बढ़कर लगभग दो से ढाई हजार हो चुकी है और ई-रिक्शा छोटी-छोटी गलियों से होकर चलने लगी है. सड़क के बीच यू टर्न लेने के कारण भी कभी-कभी जाम की स्थिति बन जाती है. इतना ही नहीं शहर में नो एंट्री का अनुपालन नहीं किया जाता है और दिन में भी बड़े वाहनों के प्रवेश कर जाने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ जाती है. जाम से बचने के लिए उचित योजना और प्रबंधन के अभाव में यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है. शहर की स्थिति ऐसी है कि वन वे ट्रैफिक व्यवस्था भी लागू नहीं हो सकती है. लोगों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण हटाने और सख्त ट्रैफिक नियम लागू करने की कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह समस्या जस की तस बनी रहेगी.

जुबली बेल चौक पर जाम से होती है अधिक परेशानी

सबसे अधिक जाम की समस्या से जुबली वेल चौक पर होती है, जबकि जुबली बेल चौक से स्टेशन चौक, स्टेशन चौक से बराट मोड, स्टेशन चौक से लोको कॉलोनी रोड, ऊपरी रोड से संतु होटल होते हुए शनि मंदिर चौक, बंशीधर मोड़ से लेकर शनि मंदिर चौक, बराट चौक से सदर बाजार फाड़ी तथा छह नंबर गेट से नाला पार और ईस्ट कॉलोनी क्षेत्र में 212 नंबर रेलवे पुल से मुंगरौड़ा चौक मुख्य रूप से शामिल है, जिससे प्रतिदिन लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है.

समय, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर डाल रही असर

बुद्धिजीवियों का मानना है कि जाम की समस्या का असर सिर्फ समय की बर्बादी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी असर डाल रही है. लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के कारण लोगों में तनाव बढ़ रहा है और वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को बढ़ा रहा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि आपातकालीन सेवा जैसे एंबुलेंस और दूध वाहन भी जाम में फंस जाता है. यहां बता दें कि शहर में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क के किनारे इधर-उधर पार्क कर देते हैं. हाल यह हो चुका है कि शहर के लोगों के लिए हर दिन का सफर एक बड़ी चुनौती बन चुका है.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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