अस्पताल में बाहरी व्यक्ति के कार्य करने पर सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक से मांगी जानकारी
मुंगेर. मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गुरुवार की शाम मरीज के साथ वहां मौजूद बाहरी कंपाउंडर छोटू कुमार द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने के मामले में जहां डीएम के निर्देश पर सीएस ने उक्त कंपाउंडर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. साथ ही अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बाहरी व्यक्ति द्वारा कार्य किये जाने को लेकर सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रामप्रवेश से मामले की पूर्ण जानकारी मांगी है.बताया गया कि गुरुवार की शाम मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बाहरी कंपाउंडर छोटू कुमार कार्य कर रहा था. इस दौरान सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज इलाज के लिये पहुंचा. इसे लगाने के लिये उक्त कंपाउंडर द्वारा इंजेक्शन लोड किया गया, लेकिन मरीज के ड्रसिंग रूम में चले जाने के कारण कंपाउंडर ने उक्त इंजेक्शन को फ्रीज में रख दिया. इस बीच वार्ड में दूसरा मरीज पहुंचा, जिसे चिकित्सक द्वारा दवा लिखे जाने के बाद उक्त कंपाउंडर द्वारा फ्रीज में पहले से लोड कर रखे इंजेक्शन को मरीज को दिया जाने लगा. इसके बाद परिजनों ने उस इंजेक्शन को लगाने से मना कर दिया और मरीज के लिये खुद के सामने दूसरा इंजेक्शन भरने को कहा. इसके बाद बाहरी कंपाउंडर छोटू कुमार मरीज के परिजनों पर पूरी तरह बिफर पड़ा. मरीज के परिजनों द्वारा डीएम व सीएस को मामले की जानकारी दी गयी. साथ ही इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज करायी. इसमें परिजनों पर छोटू कुमार द्वारा दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है.
कंपाउंडर पर प्राथमिकी
बताया गया कि मामले की जानकारी लगने के बाद डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर द्वारा सीएस को मामले की जानकारी लेते हुए संबंधित बाहरी कंपाउंडर पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अस्पताल उपाधीक्षक से मामले की पूर्ण जांच करने का निर्देश दिया गया. इसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए सीएस डॉ राजू ने इमरजेंसी वार्ड में विभागीय निर्देश के बावजूद बाहरी व्यक्ति के कार्य करने की बात को लेकर मामले की जांच कर पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित बाहरी कंपाउंडर पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है.
कहते हैं सीएस
सीएस डॉ राजू ने बताया कि वार्ड में बाहरी व्यक्ति के कार्य करने और उसके द्वारा मरीज के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने को लेकर अस्पताल उपाधीक्षक को मामले की जांच कर पूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है. साथ ही संबंधित बाहरी व्यक्ति के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है.
