गंगा के जलस्तर में लगातार चौथे दिन भी बढ़ोतरी जारी रहने से मुंगेर में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर को पार कर रविवार को 39.82 मीटर तक पहुंच गया. जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का पानी गांवों से निकलकर शहर के रिहायशी इलाकों में भी प्रवेश करने लगा है. इससे लोगों में दहशत का माहौल है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है.
जिले के छह प्रखंडों—मुंगेर सदर, बरियारपुर, धरहरा, जमालपुर, असरगंज और हवेली खड़गपुर—की 35 से अधिक पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं. दियारा और निचले इलाकों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है. कई गांवों में घरों के आसपास और सड़कों पर पानी फैल जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शहर के पांच वार्डों में भी घुसा बाढ़ का पानी
ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब शहरी इलाकों में भी बाढ़ का असर तेजी से बढ़ रहा है. नगर क्षेत्र के पांच वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. लाल दरवाजा, मिर्ची तालाब, चुआबाग, चंदनबाग, लल्लू पोखर, भेलवा घाट, करबला सहित कई मोहल्लों में पानी प्रवेश कर गया है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.
जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता
गंगा के लगातार उफान को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीण इलाकों में खेत-खलिहान और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. वहीं, शहर में भी पानी के प्रवेश से सड़क, आवागमन और जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. लोगों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है. यदि जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है.
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