मजदूरी करने निकली थी ननद-भौजायी
फोटो संख्या : 20फोटो कैप्सन : बदहवास युवती प्रतिनिधि, जमालपुरदिन भर खेतों में काम कर अपनी गृहस्थी संभालने वाली पार्वती देवी एवं मीना देवी को पता नहीं था कि जब वह शुक्रवार को मजदूरी पर निकलेगी तो अपनी गृहस्थी संवारने दुबारा वापस जीवित नहीं लौटेगी. मीना की भाभी पार्वती थी. वह अपने कई अन्य पड़ोसियों […]
फोटो संख्या : 20फोटो कैप्सन : बदहवास युवती प्रतिनिधि, जमालपुरदिन भर खेतों में काम कर अपनी गृहस्थी संभालने वाली पार्वती देवी एवं मीना देवी को पता नहीं था कि जब वह शुक्रवार को मजदूरी पर निकलेगी तो अपनी गृहस्थी संवारने दुबारा वापस जीवित नहीं लौटेगी. मीना की भाभी पार्वती थी. वह अपने कई अन्य पड़ोसियों के साथ दलहन की फसल उखाड़ने के लिये इस मौसम में कई दिनों से चौर बहियार जा रही थी. जहां से मजदूरी ले कर लौटने के क्रम में ट्रैक्टर पलटने के कारण दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. घटना की प्रत्यक्षदर्शी तथा उसी परिवार की किशोरी फूल कुमारी ने बताया कि प्रति दिन की तरह वह अपनी परिजनों के साथ आज भी चौर बहियार से मसूर उखाड़ने का बोन (मजदूरी) लेकर ट्रैक्टर से बिचली सड़क से घर लौट रही थी. उसके साथ उसकी चाची, फुआ तथा मां आशा देवी भी थी. इस बीच तेज रफ्तार ट्रैक्टर ज्योंही वलीपुर कब्रिस्तान के निकट पहुंचा, एकाएक ड्राइवर का वाहन पर से नियंत्रण हट गया तथा ट्रैक्टर पलट गया. ट्रैक्टर के डाले में बोन के रूप में कमला मसूर का बोझा रखा था. जबकि बोझा के ऊपर लगभग सभी महिलाएं बैठी हुई थी जो डाला के पलटते ही नीचे गिर पड़ी तथा उसकी चपेट में आकर उसकी चाची तथा फुआ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. उसकी आंखें में दहशत भरी थी तथा लगातार रोये जा रही थी.
