नक्सलियों का नया जत्था पहुंचा पेसरा
मुंगेर : नक्सलियों का 30 सदस्यीय मारक दस्ता का नया बैच धरहरा के पेसरा पहुंच चुका है. इन्हें किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए नक्सली संगठन के वरीय नेताओं ने यहां भेजा है. नक्सली नेता बालेश्वर कोड़ा द्वारा इसे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से अवगत कराया जा रहा है.... जानकारी के अनुसार, कमजोर […]
मुंगेर : नक्सलियों का 30 सदस्यीय मारक दस्ता का नया बैच धरहरा के पेसरा पहुंच चुका है. इन्हें किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए नक्सली संगठन के वरीय नेताओं ने यहां भेजा है. नक्सली नेता बालेश्वर कोड़ा द्वारा इसे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से अवगत कराया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, कमजोर हो चुके नक्सली संगठन को मजबूत बनाने के लिए बालेश्वर कोड़ा, सिल्लू कोड़ा को मुंगेर की कमान सौंपी गयी है. जबकि मुंगेर के नक्सली क्षेत्र कजरा से लेकर खड़गपुर तक में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए दूसरे राज्य से 30 सदस्यीय मारक दस्ता को भेजा गया है. जिसमें 10 महिला सदस्य भी शामिल हैं. दस्ते के सदस्यों को कुछ दिन कजरा के जंगली क्षेत्र में रखा गया था. अब इस दस्ता को मुंगेर जिले के पेसरा भेज दिया गया. जो पेसरा गांव में ही आम नागरिक बन कर रह रहे हैं. जबकि उसे क्षेत्र के भौगोलिक स्थिति से अवगत कराने का भी काम किया जा रहा है.
बालेश्वर कोड़ा द्वारा क्षेत्र के बारे में विशेष जानकारी दी गयी है. कहा जाता है कि एक पखवारा पूर्व धरहरा एवं हवेली खड़गपुर में जो परचाबाजी हुई थी. वह इसी संगठन के सदस्यों द्वारा किया गया था. इतना ही नहीं लखीसराय से अपहृत कर युवकों को लेवी वसूली कर धरहरा प्रखंड के लड़ैयाटांड ओपी क्षेत्र में छोड़ा गया है. कहा जा रहा है कि संगठन की आर्थिक मजबूती के लिए लेवी वसूली का काम भी बड़े पैमाने पर प्रारंभ कर दिया गया है.
हाल के दिनों में मुंगेर में नक्सली संगठन का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है. क्योंकि प्रशासन और पुलिस द्वारा नक्सली क्षेत्र में लगातार कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है. ताकि नक्सली संगठन की ओर आम लोगों का झुकाव नहीं हो. इसमें सफलता भी प्रशासन को मिली है. वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार चलाये जा रहे सर्च अभियान के कारण भी नक्सली संगठन कमजोर हुआ. जबकि लखीसराय जिले के कजरा व चाचन क्षेत्र में नक्सली संगठन सक्रिय रहे. अब नया मारक दस्ता भेज कर संगठन को आंतरिक एवं बाह्य रूप से मजबूत करने का काम किया जा रहा है. नक्सली संगठन किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं. ताकि वे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें.
