Motihari: रक्सौल से नरकटियागंज रूट बेहाल, ट्रेनों की कमी होने से यात्री परेशान

नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से करीब से होकर गुजरने वाली रक्सौल-नरकटियागंज रेल लाइन (भाया सिकटा-मरजदवा) पर ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी है.

Motihari: रक्सौल. नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से करीब से होकर गुजरने वाली रक्सौल-नरकटियागंज रेल लाइन (भाया सिकटा-मरजदवा) पर ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी है. सीमावर्ती भारतीय बाजार भेलवा, सिकटा, मरजदवा, गोखुला स्टेशन के साथ-साथ इस सटे नेपाल के पर्सा, चितवन जिले के नागरिकों को भारत में यात्रा करने का मुख्य साधन ट्रेन है. बावजूद इसके ब्रॉड गेज में लाइन बदलने के बाद से इस रूट पर पहले से चलने वाली ट्रेनों का भी परिचालन शुरू नहीं किया गया है. वर्तमान में मात्र तीन सवारी गाड़ी का ही परिचालन इस रूट पर किया जा रहा है. जिसमें सबसे पहली गाड़ी रक्सौल से सुबह 4 बजे तथा दूसरी दोपहर में 3.30 बजे तथा आखिरी सवारी गाड़ी रात में 8.30 बजे रक्सौल से प्रस्थान करती है. यहीं ट्रेन रक्सौल से नरकटियागंज जाती है और वापस नरकटियागंज से रक्सौल आती है. सप्ताहिक ट्रेनों में अमृत भारत सुपरफास्ट ट्रेनों का परिचालन होता है, लेकिन इनका स्टॉपेज रक्सौल से नरकटियागंज के बीच मात्र सिकटा स्टेशन पर होता है. भेलाही निवासी विनय पटेल, दीपक कुमार, अनिल कुमार, विनोद कुमार, सन्याल पटेल, बंटी कुमार, संजय गुप्ता सहित अन्य ने बताया कि अभी की स्थिति में सबसे अधिक जरूरत एक ऐसे ट्रेन की है जो नरकटियागंज से खुलकर इस रूट के सभी स्टेशन पर रुकते हुए मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना तक जाए. एक ऐसी ट्रेन शाम के यदि चलनी शुरू हो जाती है तो रक्सौल के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा. लोगों के अंदर इस रेल लाइन के प्रति जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से कारण आक्रोश पनप रहा है. समाजसेवी डॉ. शशिरंजन कुशवाहा ने बताया कि नरकटियागंज से रक्सौल रेल रूट को रेलवे ने केवल मालगाड़ी के परिचालन कर रही है. यात्री सुविधा के प्रति रेलवे काफी असंवेदनशील नजर आ रही है.

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