मोतिहारी. बजट से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद राधामोहन सिंह ने कहा है कि जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता से जूझ रही है उस समय भारत मोदी सरकार के नेतृत्व में एक उज्जवल उद्धरण के साथ एक विश्वसनीयता के साथ उभरा है. महामारी के बाद के वर्षों में मुद्रास्फीति ने विश्वभर में आम जनजीवन को प्रभावित किया. किंतु वित्त वर्ष 2025-26 में इस दबाव में उल्लेखनीय कमी आई. विशेषकर सब्जियों और दालों की कीमतों में राहत आई, जिसका लाभ आम परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से महसूस हुआ. घरेलू उपभोग अब सकल घरेलू उत्पाद का 61.5 प्रतिशत है, जो वित्त वर्ष 2011-12 के बाद का सबसे उच्च स्तर है. रेलवे क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत 16,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 18 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा लगभग 16,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं. विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 में 760 से बढ़कर 1,150 से अधिक हो गई है, महाविद्यालयों की संख्या 38,500 से बढ़कर 45,000 से अधिक हो गई है, तथा देश में अब 14.9 लाख विद्यालय हैं. इनमें से 95 प्रतिशत विद्यालय विद्युतीकृत हैं और 55 प्रतिशत विद्यालय इंटरनेट से जुड़े हुए हैं, जो 2016 में 20 प्रतिशत से भी कम था. कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने लगभग 11 करोड़ अस्पताल में भर्ती मामलों को कवर कर तथा 42 करोड़ से अधिक कार्ड जारी कर एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है.
भारत मोदी सरकार के नेतृत्व में एक विश्वसनीयता के साथ उभरा है : राधामोहन
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद राधामोहन सिंह ने कहा है कि जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता से जूझ रही है उस समय भारत मोदी सरकार के नेतृत्व में एक उज्जवल उद्धरण के साथ एक विश्वसनीयता के साथ उभरा है.
