Motihari: आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य है परोपकार : राजकुमार

रविवार को आर्य समाज मंदिर परिसर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया.

Motihari: केसरिया. रविवार को आर्य समाज मंदिर परिसर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर के प्रधान व पूर्व मुखिया राजकुमार प्रसाद ने कहा कि संसार का उपकार ही आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य है, परंतु उपकार त्याग के बिना संभव नहीं है. महर्षि दयानंद सरस्वती ने 150 वर्ष पूर्व समाज को वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया था.उन्होंने कहा कि आज वेद ज्ञान के अभाव में समाज विभिन्न मत-संप्रदायों के आचार्यों द्वारा गुमराह किया जा रहा है. ऐसे समय में अज्ञान की निंद्रा से जागने और सच्चे ज्ञान को आत्मसात करने की आवश्यकता है. महर्षि दयानंद ने सत्यार्थ प्रकाश की रचना कर समाज को अज्ञान से मुक्त करने का प्रयास किया और लोगों को त्याग व वैराग्य से प्रेरित किया. राजकुमार प्रसाद ने कहा कि आर्य समाज एक वैचारिक क्रांति है, जो सोए हुए समाज को जगाने का आंदोलन है. आज आवश्यकता है कि हम केवल हवन तक सीमित न रहें, बल्कि परोपकार व सेवा को जीवन का संकल्प बनाकर उसे कार्यरूप दें. यही सबसे बड़ा यज्ञ है.मौके पर मंत्री सीताराम यादव, कोषाध्यक्ष सुबोध चौधरी, उमेश प्रसाद, सुरेश शास्त्री समेत कई लोग उपस्थित रहे.

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By AMRITESH KUMAR

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