Motihari News: पूर्वी चंपारण के किसानों और जिले की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है. जिले में नई चीनी मिल की स्थापना की संभावनाओं का आकलन करने के लिए चल रहा दो दिवसीय विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो गया है. बेंगलुरु की प्रतिष्ठित कंपनी मेसर्स निरानी सुगर्स लिमिटेड की तकनीकी टीम ने 21 और 22 जुलाई को प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की.
प्रस्तावित स्थलों का किया गया विस्तृत निरीक्षण
तकनीकी टीम ने दो दिनों के दौरान जिले के प्रस्तावित स्थलों का गहन निरीक्षण किया. इसमें मोतिहारी के मौजा ढेकहा तथा पहाड़पुर प्रखंड क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल शामिल रहे. टीम ने परियोजना के लिए भूमि की उपयुक्तता और अन्य आवश्यक पहलुओं का मूल्यांकन किया.
भूमि, सड़क, बिजली और जल संसाधनों का लिया जायजा
सर्वेक्षण के दौरान बेंगलुरु की तकनीकी टीम के साथ बिहार सरकार के ईख पदाधिकारी (मोतिहारी), सहायक निदेशक (ईख विकास), संबंधित अंचल अधिकारी तथा सहायक निदेशक (कीट) मौजूद रहे. संयुक्त टीम ने प्रस्तावित स्थलों पर उपलब्ध भूमि, सड़क संपर्क, जल संसाधन, विद्युत आपूर्ति, क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन तथा किसानों की उपलब्धता का आकलन किया.
विभागीय अधिकारियों ने तकनीकी टीम को गन्ना उत्पादन, किसानों की संख्या और कृषि से जुड़े आवश्यक आंकड़े भी उपलब्ध कराए, ताकि परियोजना की व्यवहार्यता का सही आकलन किया जा सके.
किसानों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित नई चीनी मिल को पूर्वी चंपारण में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इसके स्थापित होने से गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा, परिवहन लागत कम होगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है.
तकनीकी सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर अब परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है.
