Motihari News: सदर अंचल क्षेत्र के बरदाहा गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सिकरहना नदी में डूबने से एक 10 वर्षीय मासूम बालक की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान बरदाहा गांव निवासी अनरजीत सहनी के पुत्र अंकुश कुमार के रूप में की गई है. इस अचानक हुए हादसे के बाद से पूरे बरदाहा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने वाले ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
गहरे पानी में समाया मासूम
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को 10 वर्षीय बालक अंकुश कुमार गांव के पास से गुजरने वाली सिकरहना नदी के किनारे गया था. इसी दौरान नहाने या पैर फिसलने के कारण वह नदी के तेज बहाव और गहरे पानी की तरफ चला गया. जब बालक पानी में खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा, तो उसे छटपटाता देख नदी किनारे मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाया. आसपास के ग्रामीणों और गोताखोरों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अफसोस तब तक काफी देर हो चुकी थी. काफी मशक्कत के बाद बालक को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं.
परिजनों में मचा कोहराम
इस हृदयविदारक हादसे की सूचना जैसे ही अंकुश के घर पहुंची, हंसते-खेलते परिवार में चीख-पुकार मच गई. मासूम बेटे की असामयिक मौत से माता-पिता सहित अन्य स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मां का करुण क्रंदन देख मौके पर मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं. पूरे गांव के लोग पीड़ित परिवार को इस असहनीय दुख की घड़ी में ढांढस बंधाने और हिम्मत देने में जुटे हैं.
पीड़ित परिवार को मिलेगा 4 लाख रुपये का मुआवजा
घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए सदर अंचल के अंचल नाजिर संतोष कुमार ने बताया कि मृत बालक अंकुश कुमार की उम्र 10 वर्ष थी. सरकारी प्रावधानों के अनुसार नदी या किसी जलस्रोत में डूबने से हुई मौत को प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में माना जाता है. ऐसे मामलों में राज्य सरकार के आपदा राहत कोष (डिजास्टर रिलीफ फंड) से मृतक के निकटतम आश्रितों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने का नियम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अंचल प्रशासन द्वारा मुआवजा भुगतान की आधिकारिक प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है और इसके लिए आवश्यक राजस्व व अन्य सरकारी दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से कराया जा रहा है.
कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही खाते में जाएगी राशि
सदर अंचल प्रशासन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्थानीय पुलिस की जांच सहित तमाम कानूनी औपचारिकताएं जैसे ही पूरी हो जाएंगी, सहायता राशि सीधे पीड़ित परिवार के बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से भेज दी जाएगी. इस बीच, बरदाहा गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार की स्थिति को देखते हुए तमाम कागजी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा कर सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें थोड़ी आर्थिक राहत मिल सके.
मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
