मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट
Motihari News: मोतिहारी में अब आपराधिक छवि वाले शस्त्र लाइसेंस धारकों पर प्रशासन सख्त हो गया है. हरसिद्धि में आर्म्स लाइसेंस की आड़ में कारतूस कारोबार का मामला सामने आने के बाद डीएम सौरव जोरवाल ने जिलेभर में शस्त्र अनुज्ञप्तियों की व्यापक जांच का आदेश दिया है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आपराधिक इतिहास वाले लोगों के हथियार लाइसेंस रद्द किए जाएंगे.
कारतूस कारोबार का मामला आने के बाद बढ़ी सख्ती
हरसिद्धि थाना क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो वर्ष 2002 से मिले आर्म्स लाइसेंस की आड़ में अवैध कारतूस कारोबार कर रहा था. आरोपी पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं और वह पहले जेल भी जा चुका है.
थाना स्तर पर होगा चरित्र सत्यापन
डीएम ने निर्देश दिया है कि जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों का चरित्र सत्यापन थाना स्तर पर किया जाए. इसके लिए थाना रिकॉर्ड, सीसीटीएनएस डेटा और न्यायालय के रिकॉर्ड की जांच होगी. यह भी देखा जाएगा कि लाइसेंसधारी के खिलाफ किसी अन्य थाने में भी मामला दर्ज तो नहीं है.
तुरंत होगा लाइसेंस निलंबित
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन लाइसेंस धारकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले या नियम उल्लंघन सामने आएंगे, उनके हथियार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाएंगे.
अधूरे आवेदन सीधे होंगे खारिज
नई आर्म्स लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. बिना पूर्ण पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, आपराधिक इतिहास और जरूरी दस्तावेजों वाले आवेदन सीधे अपूर्ण मानकर खारिज कर दिए जाएंगे.
30 दिनों में मांगी गई रिपोर्ट
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए. प्रशासन का कहना है कि लोक सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
