फर्जी नोट वाला ‘धनकुबेर’ गिरफ्तार, करोड़ों के कथित नकली करेंसी बाजार की पूरी इनसाइड स्टोरी

पूर्वी चंपारण पुलिस ने फर्जी नोट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.01 करोड़ रुपये के नकली नोट और 13.20 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं. चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और पुलिस नेटवर्क की जांच में जुटी है.

Fake Currency Note Gang: पूर्वी चंपारण में पुलिस ने कथित फर्जी नोट गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपितों के पास से 1.01 करोड़ रुपये के कथित नकली नोट, 13.20 लाख रुपये नकद और बड़ी मात्रा में अन्य सामान बरामद हुआ है. फिलहाल जब्त नोटों की प्रामाणिकता की जांच कराई जा रही है. 

क्या-क्या बरामद हुआ?

फर्जी करेंसी भंडाफोड़ के दौरान जब्त सामान
  • 1.01 करोड़ रुपये के संदिग्ध नकली नोट
  • 13.20 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा
  • 25 लाख रुपये मूल्य के चिल्ड्रन बैंक नोट
  • एक देसी कट्टा
  • आठ कारतूस
  • 30 संदिग्ध धातु के बिस्किट
  • दो बाइक
  • एक डस्टर कार
  • चार मोबाइल फोन
  • दो पुलिस बूट, दो पुलिस टोपी और कैमरा लाइट

रातभर चली छापेमारी, चार आरोपित गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपितों में सुलेमान अंसारी (भोपतपुर), इम्तियाज आलम (मुफस्सिल), मनोज कुमार राम (कल्याणपुर) और बनारसी साह (कोटवा) शामिल हैं. 

नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नकली नोट कहां से लाए जाते थे और किन इलाकों में उनकी सप्लाई की जाती थी. बरामद पीले धातु जैसे बिस्किटों की भी जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे असली हैं या नकली.

अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस

डीएसपी सदर-2 जितेश पाण्डेय ने बताया कि बरामद नोटों की प्रामाणिकता की जांच कराई जा रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि यह गिरोह कहां से नोट लाता था और किन इलाकों में उनकी सप्लाई करता था. पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. 

नेपाल नेटवर्क से जुड़े तार भी खंगाले जा रहे 

भोपतपुर से बड़ी मात्रा में जाली नोट बरामद होने के बाद मोतिहारी पुलिस ने मुजफ्फरपुर पुलिस से संपर्क किया है. जांच में चार साल पुराने नेपाल कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है. एनआइए के दो लाख रुपये के इनामी सुधीर कुशवाहा ने गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया था कि काठमांडू से लाल मोहम्मद और प्रमोद कुशवाहा जाली नोट की खेप उपलब्ध कराते थे. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि भोपतपुर में पकड़े गए गिरोह का उस पुराने नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं.

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By Aniket Kumar

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