मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, महाविद्यालयों और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (Electoral Literacy Club) का गठन और पुनर्गठन किया जाएगा. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राजन कुमार गिरी ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए आवश्यक जानकारी निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने को कहा है.
आज शाम तक देनी होगी नोडल शिक्षक की जानकारी
जारी आदेश के अनुसार, निर्वाचन साक्षरता क्लब के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक शिक्षण संस्थान में एक नोडल शिक्षक या व्याख्याता नामित करना अनिवार्य होगा. संबंधित शिक्षक का नाम, पद, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी निर्धारित प्रपत्र में भरकर 7 अगस्त 2026 की कार्य अवधि समाप्त होने तक जिला शिक्षा कार्यालय को भेजनी होगी.
इन विद्यार्थियों पर रहेगा विशेष फोकस
निर्वाचन साक्षरता क्लब के माध्यम से दो प्रमुख वर्गों के विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी सरकारी, निजी, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं।
- 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय और जिले के सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थी।
बीईओ और प्राचार्यों को दिए गए निर्देश
डीईओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के +2 विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सूचनाएं जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है.
युवा मतदाताओं को जागरूक बनाना है उद्देश्य
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि यह पहल भारत निर्वाचन आयोग और निर्वाचन विभाग, बिहार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. इसका उद्देश्य युवाओं और भावी मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मतदान के अधिकार और चुनावी जागरूकता से जोड़ना है, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक के रूप में लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभा सकें.
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