Motihari News: सदर अंचल में मौजा स्थानांतरण और जमाबंदी अभिलेख से जुड़े मामले की जांच में आठ गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) ने सदर अंचलाधिकारी से 24 घंटे के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. हालांकि अब तक किसी अधिकारी या कर्मी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं होने से पूरे मामले में कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं.
जिलाधिकारी के निर्देश पर गोढ़वा निवासी नरेश प्रसाद की शिकायत की जांच डीसीएलआर स्तर से कराई गई. जांच के दौरान अंचल कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों की समीक्षा में कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं.
गोढ़वा की जमीन का रिकॉर्ड मठिया मौजा में दर्ज
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि मौजा गोढ़वा, थाना संख्या-201 की है, जबकि अभिलेख में उसका स्थानांतरण मौजा मठिया, थाना संख्या-200 में दर्ज कर दिया गया. इसके अलावा अभिलेख संख्या अंकित नहीं थी और संबंधित राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट पर तिथि भी दर्ज नहीं मिली. प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है.
मापी रिपोर्ट, वंशावली और सहमति पत्र भी नहीं मिले
डीसीएलआर के पत्र के अनुसार अभिलेख के साथ अंचल अमीन की मापी रिपोर्ट संलग्न नहीं थी. स्वीकृति आदेश और आवेदन की तिथि में भी विसंगति मिली. संबंधित राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट, जमाबंदीदार या उत्तराधिकारी की सहमति का प्रमाण तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत वंशावली भी अभिलेख में उपलब्ध नहीं पाई गई. इन कमियों के आधार पर सदर अंचलाधिकारी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
अधिकारी ने क्या कहा
डीसीएलआर प्रीति कुमारी ने बताया कि पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. जवाब प्राप्त होने के बाद उसकी समीक्षा कर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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