Motihari : पुस्तक मानव जीवन का सबसे बड़ा मित्र

पुस्तक मानव जीवन का सबसे बड़ा मित्र है. इसमें ज्ञान का खजाना छिपा है और जो विद्यार्थी पुस्तक से दोस्ती कर लेते हैं, उनकी सफलता तय होती है.

Motihari : हरसिद्धि. पुस्तक मानव जीवन का सबसे बड़ा मित्र है. इसमें ज्ञान का खजाना छिपा है और जो विद्यार्थी पुस्तक से दोस्ती कर लेते हैं, उनकी सफलता तय होती है. उक्त बाते समाज सुधारक सिकंदर कुमार हरिओम ने गांधी उच्च विद्यालय हरसिद्धि में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि अभिभावकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को मोबाइल की अपेक्षा पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करें. मेहनत, लगन, उत्साह और हौसले से ही जीवन में ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं. हरिओम ने विद्यार्थियों से कहा छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता. जो सच्चे मन से मेहनत करता है, वह अपने जीवन को बदल देता है. उन्होंने कहा पढ़ाई ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है, यही जीवन को मधुर और सफल बनाती है. उन्होंने कहा विधार्थी वही है, जिसमें उत्साह और हौसला हो जीवन में कुछ करने का जिसका फैसला हो. पढ़ाई है जीवन व सौगात जीवन मधुर बनाती है. उन्होंने कहा कि आज का दौर मोबाइल और इंटरनेट का है, बच्चे घंटों स्क्रीन पर समय बिताते हैं. मोबाइल क्षणिक मनोरंजन देता है, जबकि पुस्तक जीवनभर का ज्ञान देती है. अभिभावकों का दायित्व है कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर किताबों के करीब लाएं. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसान खेत में मेहनत करता है तभी फसल उगती है, वैसे ही विद्यार्थी अगर समय किताबों को देंगे तभी ज्ञान की फसल उनके जीवन में उगेगी. इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे.

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