सिद्ध पीठ के रूप में विख्यात इस मंदिर में दर्शन से ही मनोकामना होती है पूरी चकिया. नगर परिषद क्षेत्र के मुजफ्फरपुर रोड स्थित प्रसिद्ध बौधी माई मंदिर का सौ वर्षों से ज्यादा पूराना इतिहास है.ऐसी मान्यता है कि यहां पर दर्शन करने मात्र से हर मनोकामना पूरी हो जाती है. प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु मां बौधी का दर्शन-पूजन करते हैं. शारदीय व वासंतिक नवरात्र में यहां प्रतिदिन भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है. करीब साठ वर्षों से ज्यादा समय से नवरात्र में यहां माता की मूर्ति स्थापित की जा रही है. बंगाल निवासी पंडित दादा बंगाली ने लगातार 58 सालों तक यहां निर्बाध पूजन कराया. दादा बंगाली की मृत्यु के बाद पिछले कुछ समय से अरेराज निवासी पं रंजीत कुमार शास्त्री द्वारा सभी धार्मिक अनुष्ठान कराए जाते हैं मंदिर का इतिहास सौ साल से भी ज्यादा का बताया जाता है.तब यहां पेड़ से अवतरित आप रूपी पिंडी का पूजन किया जाता था.मंदिर समिति के अध्यक्ष हरजित सिंह राजू बताते हैं कि मंदिर से स्थानीय लोगों की अटूट आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है.मां के गर्भ गृह में एक अलग तरह की उर्जा का संचार होता है.माता का हर पल भक्तों पर सहाय रहना इसके प्रति लोगों की आस्था को और मजबूत करता है.
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