India Nepal Border: नेपाल के सुनसरी जिले में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद मधेश क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए वीरगंज महानगरपालिका में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी गई है. इसका असर भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल बॉर्डर पर भी देखने को मिल रहा है, जहां सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है.
नेपाल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
रैली, जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक
पर्सा जिला प्रशासन कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निषेधाज्ञा के दौरान किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, सभा या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी.
वीरगंज शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है.
इन क्षेत्रों में लागू रहेगी धारा 144
पर्सा के प्रमुख जिलाधिकारी भोला दहाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार निषेधाज्ञा की सीमा पूर्व में प्रतिभा चौक, पश्चिम में तिलावे पुल, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट (रक्सौल-वीरगंज सीमा का मुख्य प्रवेश द्वार) तक निर्धारित की गई है.
इन क्षेत्रों में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की सार्वजनिक गतिविधि पर रोक रहेगी.
शुक्रवार सुबह तक प्रभावी रहेगा आदेश
प्रशासन के अनुसार यह आदेश गुरुवार शाम 5 बजे से लागू होकर शुक्रवार सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा.
इस अवधि में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है. संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
सीमा पर भी बढ़ी सतर्कता
वीरगंज में लागू प्रतिबंधों का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई दे रहा है. रक्सौल सीमा के आसपास सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा पार आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है.
जिलाधिकारी भोला दहाल ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. आवश्यकता पड़ने पर निषेधाज्ञा की अवधि बढ़ाने सहित अन्य प्रशासनिक निर्णय भी लिए जा सकते हैं.
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
