विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 21.75 लाख ठगने वाला गिरफ्तार

रक्सौल अनुमंडल के हरपुर उचीडीह के चार युवकों को विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर 21.75 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना सद्दाम पकड़ा गया.

मोतिहारी.रक्सौल अनुमंडल के हरपुर उचीडीह के चार युवकों को विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर 21.75 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना सद्दाम पकड़ा गया. साइबर थाने की पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है. वह उत्तराखंड के उद्यम सिंह जिले के रूद्रपुर का रहने वाला है. दो साथियों फैजान अंसारी व इदरीश अंसारी के साथ मिलकर कोलकाता में ठगी का कार्यालय खोला था. सोशल मीडिया पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया था. सोशल मीडिया के माध्यम से ही रक्सौल के हरपुर चीउटही के अरसद अली उनके संपर्क में आया. नौकरी के लिए बातचीत की. उसके बाद अरसद अपने दोस्त नौशाद आलम, मो नुरूल्लाह व सोएब के साथ कोलकाता उनके ब्रांच में जाकर उनसे बातचीत की थी. उनके पास से बांग्लादेस का एक व भारत का 23 पासपोर्ट, एप्पल का एक लैपटॉप, मोबाइल, स्वाइप मशीन, सौ से अधिक एग्रीमेंट पेपर व एक स्कैनर बरामद हुआ है.

साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि पूछताछ में सद्दाम ने ठगी की बात स्वीकार की है. उसके एक्सिस बैंक के खाते में अरसद व उसके दोस्तों ने 21.75 लाख रुपये ट्रांसफर किया था. उन्होंने बताया कि मामले में फरार दो अन्य आरोपियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा. बताते चलें कि हरपुर के अरसद ने इंट्राग्राम पर आइडी पर विदेश में नौकरी का एेड देखा. उसे पैसों की बहुत जरूरत थी. उसने ऐड पर लिंक कर पूरी डिटेल जानने की कोशिश की. इस दौरान उस आइडी के ऑनर फैजान से उसकी बातचीत हुई. उसने अरसद से कहा कि विदेश में काम करना है, तो आपको कोलकाता ब्रांच पर आना होगा. उसने अपने कार्यालय का पता उसे बताया. अरसद उसके बताये पते पर अपने दो दोस्तों के साथ पहुंचा. वहां सद्दाम, फैजान व इदरीश से उनकी मुलाकात हुई.

तीनों ने कहा कि विदेश में नौकरी करना है, तो एक अच्छी स्कीम है. लकजम्बर देश का वीजा आपलोगों को मिलेगा, वहां जाने पर तीन-चार लाख का काम तो मिल ही जायेगा. वहां नौकरी व वीजा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को दस-दस लाख रुपये कमिशन देंगे होंगे. उनसे पहले 50 प्रतिशत राशि की डिमांड की. पैसा लेने के बाद कहा कि कुरियर के माध्यम से आपलोगों का कागजात आपके पते पर पहुंच जायेगा. तीनों घर आ गये. डाक से सारा कागजात भी आया. उसे लेकर चारों दिल्ली एंबेसी पहुंचे, वहां उन्हें पता चला कि उनको जो कागजात मिला था, वह जाली था. छापेमारी में साइबर डीएसपी अभिनव पराशर, इंस्पेक्टर मनीष कुमार, मुमताज आलम, सिपाही गौतम कुमार, आंनद कुमार भारती, नीरज कुमार सहित अन्य शामिल थे.

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