मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
Motihari News: मोतिहारी में न्यायालय परिसर में बंदियों की पेशी के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. बंदियों और कैदियों को विशेष लोगों तथा परिजनों से मिलवाने के आरोप में 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
जांच में सही पाए गए आरोप
स्वर्ण प्रभात ने बताया कि बंदियों की पेशी के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मी निजी स्वार्थ और प्रलोभन में आकर कैदियों को खास व्यक्तियों, महिलाओं और परिजनों से मिलवा रहे थे.
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) स्तर से जांच कराई गई. जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद इसे विभागीय अनुशासन और पुलिस की गरिमा के खिलाफ गंभीर मामला माना गया.
तत्काल प्रभाव से निलंबन
एसपी के निर्देश पर सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
एसपी ने साफ कहा कि पुलिस विभाग में मनमानी, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में हवलदार राम कुमार यादव, मनमोहन शर्मा, रंजीत कुमार सिंह तथा सिपाही सदानंद कुमार, ललटू कुमार, अदालत कुमार, आदित्य कुमार, संदीप कुमार, रघुन कुमार और संतोष कुमार आनंद शामिल हैं.
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी नजर
इस कार्रवाई के बाद पुलिस लाइन और कोर्ट सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों के बीच खलबली मची हुई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार आगे भी कोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि इस तरह की अनियमितता दोबारा सामने न आए.
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को कोर्ट सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन कायम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
