रौशन यादव मौत: मधुबनी मंडल कारा रामपट्टी में रौशन यादव की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेतृत्व में मंगलवार देर शाम कैंडल मार्च निकाला गया. मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर रौशन यादव के लिए न्याय की मांग की और पुलिस प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
निष्पक्ष जांच की मांग
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. संगठन ने मामले की जांच सीआईडी अथवा सीबीआई से कराने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके.
इसके साथ ही मामले में लापरवाही अथवा संलिप्तता के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की गयी. प्रदर्शनकारियों ने दोषी पाए जाने वाले थानाध्यक्ष की शीघ्र गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग भी की.
'न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन'
मिथिला स्टूडेंट यूनियन के मधुबनी जिलाध्यक्ष शशि अजय झा ने कहा कि रौशन यादव को न्याय मिलने तक संगठन अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है. किसी भी तरह की लापरवाही या मामले को दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा.
उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाए. साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.
दो दर्जन से अधिक लोग मार्च में हुए शामिल
कैंडल मार्च में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के वरिष्ठ नेता विजय श्री टुन्ना, प्रवेश झा छोटू, राजन झा, रौशन भारद्वाज, अरविंद झा, चंदन सिंह और मयंक विश्वास समेत दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए.
संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि रौशन यादव को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों ने मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहरायी.
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