Madhubani : कालाजार उन्मूलन अभियान के प्रचार रथ को किया रवाना

जिले के कालाजार प्रभावित 17 प्रखंडों में द्वितीय चरण सिंथेटिक पायरोथायराइड कीटनाशक का छिड़काव सोमवार से शुरू हुआ.

जिले के कालाजार प्रभावित 17 प्रखंडों में दवा छिड़काव शुरू हर पीएचसी पर मुफ्त जांच सुविधा उपलब्ध सरकार द्वारा रोगी को देती है आर्थिक सहायता मधुबनी . जिले के कालाजार प्रभावित 17 प्रखंडों में द्वितीय चरण सिंथेटिक पायरोथायराइड कीटनाशक का छिड़काव सोमवार से शुरू हुआ. इसके प्रचार प्रसार के लिए सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल परिसर से प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि अभियान अगले 60 दिनों तक चलेगा. इस दौरान लोगों को मच्छरदानी लगाकर सोने, घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और नालियों को साफ रखने आदि के लिए जागरूक किया जाएगा. साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से इसके बचाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी. ताकि लोगों को वेक्टर जनित रोग कालाजार, मलेरिया, डेंगू से बचाव के लिए प्रेरित किया जा सके. सीएस ने छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद एवं दरार को बंद कर दें, घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं. छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें. छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें. ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई नहीं करें. ताकि कीटनाशक का असर बना रहे. 37 राजस्व गांव में कालाजार निमंत्रण के लिए हो रहा छिड़काव जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने बताया कि जिला में 17 प्रखंड के 37 राजस्व गांव में कालाजार नियंत्रण के लिए सिंथेटिक पाराथोरायड का छिड़काव शुरू किया गया है. इसमें लौकही, बासोपट्टी, मधवापुर, बेनीपट्टी, खजौली, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, लदनियां, अंधराठाढ़ी, घोघरडीहा, लखनौर, मधेपुर झंझारपुर, पंडौल, राजनगर एवं रहिका प्रखंडों के 66 हजार 387 घरों के 1 लाख 59 हजार 141 कमरों में छिड़काव किया जाएगा. इसमें आक्रांत राजस्व ग्रामों की जनसंख्या 3 लाख 16 हजार 749 है . इसके लिए 2 हजार 939 किलो सिंथेटिक पाराथोरायड पाउडर उपलब्ध कराया गया है. इसके लिए 18 छिड़काव दलकर्मी बनाए गए हैं. सरकार रोगी को देती है आर्थिक सहायता डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है. बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपये तथा केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए की राशि ब्लड रिलेटेड कालाजार रोगी को दी जाती है. वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार रोगी को केंद्र सरकार द्वारा 4000 रुपये की राशि दी जाती है. मौके पर सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डीएस सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, डीवीसीओ पुरुषोत्तम कुमार, डिंपू कुमार, अमर कुमार, पिरामल के धीरज कुमार सिंह सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.

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