Madhubani News: झंझारपुर प्रखंड के नवानी गांव निवासी अधिवक्ता रौशन कुमार ने चिकित्सा कानून एवं जैव नैतिकता (Medical Law and Bioethics) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने चिकित्सा कानून एवं जैव नैतिकता में प्रमाणित सलाहकार (Certified Consultant) की योग्यता प्राप्त की है. इस उपलब्धि के बाद उन्हें संस्थागत नैतिक समिति (Institutional Ethics Committee) में अधिवक्ता एवं कानूनी सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
Jhanjharpur News: चिकित्सा अनुसंधान में निभाएंगे अहम भूमिका
रौशन कुमार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त अधिकारी विमल कुमार दास के पुत्र हैं. एमबीए और एलएलबी की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने विधि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई. चिकित्सा कानून और जैव नैतिकता जैसे उभरते क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने के बाद अब वे चिकित्सा अनुसंधान एवं स्वास्थ्य परियोजनाओं की नैतिक, वैज्ञानिक और कानूनी समीक्षा से जुड़े कार्यों में योगदान देंगे.
मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा पर रहेगा फोकस
अधिवक्ता रौशन कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, कानूनी प्रावधानों और मरीजों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को विधिक एवं नैतिक परामर्श उपलब्ध कराकर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे.
क्षेत्र में खुशी का माहौल
उनकी इस उपलब्धि पर अधिवक्ता कुमार जितेंद्र, पवन कुमार दास, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. दीपक कुमार सिंह, डॉ. बलराम यादव, दीपक टिबडेवाल तथा चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. विमल कुमार शर्मा, डॉ. संजीव मिश्रा, डॉ. कोमल दास, डॉ. आनंद प्रकाश सहित कई लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
