Madhubani News: मधुबनी के लौकहा थाना क्षेत्र स्थित भारत-नेपाल सीमा से नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले में एसडीजेएम आनंद राज की अदालत ने म्यांमार की महिला समेत चार आरोपितों को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. जुर्माना जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
Jhanjharpur News: भारत-नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए थे पांच लोग
मामला लौकहा थाना क्षेत्र के नेपाल-इंडिया बॉर्डर का है. एसआई करुणा दास ने म्यांमार की बेगम ताहिरा को चार बच्चों और तीन पुरुष साथियों के साथ भारत में प्रवेश करते पकड़ा था. इसके बाद लौकहा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
म्यांमार की महिला समेत चार आरोपित दोषी
गिरफ्तार आरोपितों में म्यांमार के बोतीदांग प्रदेश के आईकर्प जिला निवासी जेबुल की पत्नी बेगम ताहिरा, सिमरी घनश्यामपुर निवासी मो. कादिर, बसौली घनश्यामपुर निवासी मो. फरमूद और मो. नियामत शामिल थे.
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चारों को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
बेगम ताहिरा 2023 से न्यायिक हिरासत में
अभियोजन के अनुसार विदेशी महिला बेगम ताहिरा सात अक्टूबर 2023 से ही न्यायिक हिरासत में है. उसकी सजा की अवधि में अब करीब 50 दिन शेष बताए गए हैं. वहीं अन्य तीन अभियुक्त फिलहाल जमानत पर हैं.
चार बच्चों को बाल सुधार गृह भेजा गया था
मामले में पकड़े गए चार बच्चों को सीवान स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया था. बच्चों के संबंध में बाद में हाईकोर्ट पटना के निर्देश के अनुसार अलग प्रक्रिया अपनाई गई.
हाईकोर्ट के आदेश पर देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू
अभियोजन पदाधिकारी भृगुनाथ राय ने बताया कि पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर सीवान बाल सुधार गृह में रह रहे चारों बच्चों के खिलाफ मामले को आगे नहीं चलाने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट ने म्यांमार की बेगम ताहिरा और चारों बच्चों को उनके देश वापस भेजने का भी निर्देश दिया है.
प्रशासन की ओर से महिला और बच्चों को म्यांमार भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
यह भी पढ़ें: कौन बनेगा स्कूल का सबसे बड़ा मेधावी? बेंता ककरघट्टी में बच्चों के बीच हुआ ज्ञान का मुकाबला
