Bihar Health News: मधुबनी जिले में टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग का 'फूड बास्केट' वरदान साबित हो रहा है. टीबी के इलाज में दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार की महत्ता को देखते हुए अब तक 1262 मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज के दौरान आवश्यक पोषण मिल रहा है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं.
सीएचसी बासोपट्टी में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बांटे फूड बास्केट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बासोपट्टी में श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया. इस मौके पर एसडीओ जयनगर, डीसीएलआर, बीडीओ, सीओ, ब्लॉक प्रमुख और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
टीबी उन्मूलन विशेष अभियान अब 14 अगस्त तक
डीपीसी पंकज कुमार ने बताया कि 24 मार्च से शुरू हुए 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन विशेष अभियान को उत्साहजनक परिणामों के बाद अब 14 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है:
- सघन स्क्रीनिंग: 2 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले के 4,58,462 लोगों की टीबी जांच की गई.
- नए मरीजों की पहचान: स्क्रीनिंग के दौरान 551 संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उनका इलाज और जांच शुरू की गई है.
- जनभागीदारी: जनप्रतिनिधियों, निक्षय मित्रों और समाजसेवियों के सहयोग से फूड बास्केट बांटे जा रहे हैं.
समय पर जांच और नियमित उपचार है जरूरी
सीडीओ डॉ. जी एम ठाकुर और डीपीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन घटना या रात में पसीना आने पर निकटतम सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच कराएं. नियमित दवा और संतुलित पोषण से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है.
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