छात्राओं को सिखाया जा रहा आत्मरक्षा का गुर, मार्शल आर्ट एवं जुडो-कराटे की दी जा रही ट्रेनिंग

प्रशिक्षण में विद्यालय की कुल एक सौ वोछात्राएं भाग ले रही हैं.

सरकार की पहल से आत्मरक्षा की तकनीक सीखकर बच्चियों के आत्मबल को मिल रही मजबूती – पुरैनी बेटियों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में जहां बेटियों को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं समाज में आज भी वे हिंसा, छेड़छाड़ एवं प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं. ऐसे में आत्मरक्षा को लेकर सरकार ने एक अहम पहल की है. बिहार शिक्षा परियोजना के तहत स्कूली बच्चियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पुरैनी में अध्ययनरत छठी से आठवीं कक्षा तक की छात्राओं को 36 दिवसीय कराटे एवं मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में विद्यालय की कुल एक सौ वोछात्राएं भाग ले रही हैं. – अत्याचार के खिलाफ मुकाबले के लिए बेटियां हो रहीं सबल- सरकार का उद्देश्य है कि स्कूली छात्राएं अत्याचार, प्रताड़ना एवं हिंसा के विरुद्ध न केवल आवाज उठा सकें, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर आत्मरक्षा भी कर सकें. इसी सोच के तहत जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में किताबी शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राएं शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत हो रही हैं. नियमित अभ्यास से उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है. इससे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी मजबूती मिल रही है एवं मधेपुरा जिले में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश जा रहा है. कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पुरैनी की वार्डन श्वेता भारती ने बताया कि विद्यालय की 100 छात्राएं प्रशिक्षण ले रही हैं. प्रशिक्षक प्रगति कुमारी द्वारा बच्चियों को बेहतर एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे यह विश्वास जगा है कि छात्राएं विपरीत परिस्थितियों में कराटे की तकनीकों का उपयोग कर स्वयं की रक्षा कर सकेंगी. – बढ़ रही है छेड़छाड़ की घटनाएं, आत्मरक्षा जरूरी- कराटे का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं छात्रा नीलम कुमारी, शोभा कुमारी, सुलेखा कुमारी सहित अन्य छात्राओं ने बताया कि वर्तमान समय में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं. आए दिन कहीं न कहीं छेड़खानी की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसे में आत्मबल मजबूत होना बेहद जरूरी है. छात्राओं का कहना है कि कराटे एक सशक्त मार्शल आर्ट है. इसके माध्यम से वे न केवल आत्मरक्षा कर सकती हैं, बल्कि छेड़खानी करने वालों को करारा जवाब भी दे सकती हैं. आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण उन्हें निर्भीक एवं आत्मविश्वासी बना रहा है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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