जमाबंदी नाम वाले लोगों का ही फार्मल आइडी बनाने पर जताई आपत्ति
आधार पर सरकार किसानों को विभिन्न प्रकार को लाभ देने पर विचार किया जा रहा है
राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार बाबुल ने राजस्व एवं सुधार विभाग के मंत्री से नियम में बदलाव की मांग की है- उदाकिशुनगंज राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार बाबुल ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा लोगों के बनाएं जा रहें फार्मर आईडी के नियम पर आपत्ति जतायी है. इस संदर्भ में उन्होंने विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर नियम में बदलाव की मांग की है. राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार बाबुल का कहना है कि इस वक्त राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा बिहार में लोगों का फॉर्मर आइडी बनाया जा रहा है. जिसका मुख्य उद्वेश्य है किसान निधि में मिलने वाली राशि के साथ-साथ इसी आइडी के आधार पर सरकार किसानों को विभिन्न प्रकार को लाभ देने पर विचार किया जा रहा है. लेकिन सरकार के एक नियम जो इसमें जोड़ा गया है कि जिसके नाम से जमाबंदी है. उसी का आइडी बनेगा. यह बिल्कुल गलत फैसला है. इससे बिहार के 90 फीसदी किसान, किसान निधि और कृषि लाभ से वंचित रह जाएगा. वजह कि बिहार में अभी भी 90 फीसदी किसान ऐसे हैं. जिसका जमाबंदी उनके बाप दादा के नाम से ही चल रहा. ऐसे सैकड़ों किसान रोज बनाए जा रहे कैंप से खाली हाथ मायूस होकर लोट रहे है. आशीष कुमार बाबुल ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि पूर्वज के नाम से जिसका जमाबंदी चल रहा है. उसको वंशावली के आधार पर लाभ मिलना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो ये सरासर बिहार के किसानों के साथ धोखा होगा.
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