श्रीमदभागवत कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य को मोक्ष की होती है प्राप्ति : रविशंकरानंद
परमेश्वरी रीता एचपी गैस एजेंसी परिसर श्रीनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन की कथा में श्रीरविशंकरानंद जी महाराज ने कथा वाचन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से कलयुग में मोक्ष की प्राप्ति व आत्मा की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त्र होता है
By Kumar Ashish | Updated at :
मधेपुरा.
परमेश्वरी रीता एचपी गैस एजेंसी परिसर श्रीनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन की कथा में श्रीरविशंकरानंद जी महाराज ने कथा वाचन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से कलयुग में मोक्ष की प्राप्ति व आत्मा की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त्र होता है. उन्होंने समझाया कि जैसे धूल से ढका दर्पण साफ करने पर उसमें छवि स्पष्ट दिखती है, वैसे ही ईश्वर की कथा श्रवण से मनुष्य का हृदय निर्मल होता है और उसे अपने भीतर स्थित परमात्मा का साक्षात्कार होने लगता है. उन्होंने कहा कि कथा सुनने से जीवन में विवेक का उदय होता है और व्यक्ति सही-गलत को पहचान कर पाता है. श्रीमद्भाभागवत कथा समाज को जोड़ता है और हमें सेवा, सहयोग और संस्कारों से परिपूर्ण करता है. भागवत श्रवण मन को पवित्र करने का एक मात्र उपाय है. लाखों पुण्यों तथा सद्कर्म के बाद ही व्यक्ति के मन में भागवत कथा सुनने की इच्छा जागृत होती है. जिसे भागवत श्रवण का अवसर नहीं मिलता उसका जीवन पशुतुल्य माना गया है. कथा के दौरान संगीतमय भजन-कीर्तन एवं प्रवचन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उर्जा से भर दिया. मौके पर संजय मेहता के निर्देशन में बच्चों ने भाव नाट्य और कृष्ण लीला की भव्य प्रस्तुति दी. मौके पर आयोजक रीता देवी, कामेश्वर रजक, भुवनेश्वर रजक, संजय कुमार भारती, अमित कुमार, सुमित कुमार, चितरंजन भारती, प्रभात भारती, राकेश भारती, निवास कुमार, प्रभाष कुमार, विनोद कुमार सहित समस्त ग्रामीण व सैकड़ों श्रद्धालु श्रोता महिला, पुरुष एवं बच्चे मौजूद थे.